व्यापार सरलीकरण परिषद् (Trade Facilitation Council – Economy)

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• ऐसे समय में जब विदेशी लदान लगातार पांच महीनों से सिकुड़ रहा है, एक आदेश में निर्यात को बढ़ावा देने औैर गैर-जरूरी आयात को युक्तिसंगत बनाने के लिए बॉटम-अप दृष्टिकोण का पालन करने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार के साथ मिलकर एक व्यापार सरलीकरण परिषद के गठन का निर्णय लिया है और अपने व्यापार नीतियों को निर्धारित करने के लिए उनसे उम्मीद करता है।

• इस कदम का उद्देश्य वर्ष 2019-20 तक 900 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करना है।

• वाणिज्य मंत्रालय भी राज्यों के साथ मिलकर कार्य अवसंरचना परियोजनाओं की एक सूची तैयार कर रहा है जिससे निर्यात की पूरी क्षमता का दोहन सुनिश्चित होगा। यह अन्य उपायों पर भी कार्य कर रहा है जिनमें राज्य वार निर्यात संबंधी आंकड़ों को समेकित रूप से प्रस्तुत करना भी शामिल हैं। अप्रैल में मंत्रालय दव्ारा जारी विदेश व्यापार नीति (2015-20) में राज्य सरकारों को भी शामिल करके व्यापार को मुख्य धारा में लाने की बात की गयी है।

• व्यापार सरलीकरण परिषद् का नेतृत्व वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी तथा इसमें राज्य के उद्योग मंत्रियों तथा सचिवों का प्रतिनिधित्व होगा।

• वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत, द (यह) डायरेक्टोरेट (निदेशालय) जनरल (साधारण) ऑफ (का) कॉमर्शियल (व्यावसायिक) इंटेलिजेंस (बुद्धि) एंड (और) स्टेटिस्टिक्स (आंकड़े), भारत के व्यापार संबंधी आंकड़े तथा व्यापारिक सूचनाओं के संकलन, संचय तथा प्रसार हेतु एक आधिकारिक संगठन है।