परियोजना ऋण के लिए विश्व बैंक की नवीन शर्ते (World Bank's New Conditions For Project Run – Economy)

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प्रमुख बदलाव

1. विश्व बैंक (अधिकोष) ने नये पर्यावरण एवं सामाजिक मानदंड प्रस्तावित किये हैं जो पर्यावरण एंव सामाजिक सुरक्षा चुनौतियों को कम करते हुए मुख्यत: श्रम एवं कार्य परिस्थिति को ध्यान में रख कर पर्यावरणीय मानकों को अधिक मजबूती प्रदान करेंगे।

2. प्रस्तावित शर्तो के आधार पर समय-समय पर बैंक दव्ारा मूल्यांकन/आकंलन किया जाएगा। जिससे पर्यावरणीय सामाजिक मानदंडों के अनुरूप मापक एवं कार्यात्मक दिशा-निर्देश जारी कर सकेगा।

3. प्रस्तावित ई.एस.एस. के प्रत्येक ऋणग्रही/उधार लेने वाला देश अपने सामाजिक एवं पर्यावरणीय कानून विश्व बैंक तंत्र के अनुरूप ही बनाना पड़ेगा।

4. यह बाल एवं बंधुआ मजदूरी को प्रतिबंधित करते हुए एक सशक्त व्यवस्था बनाने पर जोर देता है जिसके अंतर्गत योजना हेतु कर्मचारियों की भर्ती में गैर उपेक्षापूर्ण एवं समानतापूर्ण व्यवहार अपनाया जाए, साथ ही कार्यस्थल पर रोजगार हेतु अनुकूल परिस्थितियों के निर्माण पर भी बल देता है।

भारत का रूख

1. भारत नियमित मूल्यांकन का विरोध कर रहा है क्योंकि ऐसे मूल्यांकन से परियोजना पर अनुचित एंव अधिक खर्च आएगा।

2. ऐसे प्रावधान विश्व बैंक के साथ भारत में व्यापार करने संबंधी सरलताओं/माहौल में चुनौतियों उत्पन्न करेंगे।

3. भारत ने इन प्रावधानों को ’अधिक प्रतिगामी’ की संज्ञा देते हुए बताया है कि ऐसे प्रावधानों से वर्ल्ड बैंक (विश्व बैंक) दव्ारा चलाये जा रहे कार्यक्रम अलाभकारी होंगे।

4. भारत ने दलील देते हुए कहा है कि उसका पर्यावरण एवं सामाजिक मानदंड आधारित प्रारूप अधिक सशक्त है जो विश्व बैंक दव्ारा पर्यावरणीय और सामाजिक मानकों पर (ईएसएस) आधारित उद्देश्यों को प्राप्त करने में समर्थ है।