विश्व निवेश रिपोर्ट 2016 (World Investments Report 2016-Economy)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीटीएडी) ने विश्व निवेश रिपोर्ट 2016 जारी की है।

मुख्य बिंदु

वैश्विक निवेश के रुझान

• प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में वर्ष 2015 में तेज़ी आई है। वैश्विक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 38 फीसदी बढ़कर 1.76 खरब डॉलर हो गया है, यह 2008-2009 के वैश्विक आर्थिक और वित्तीय संकट के बाद से अपने उच्च्तम स्तर पर है।

• वैश्विक अर्थव्यवस्था की कमजोरी, मांग में लगातार कमी, कुछ माल निर्यातक देशों में विकास की धीमी रफ्तार, कर बचाने के तरीकों पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी नीतिगत उपाये और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मुनाफे में कमी के कारण वर्ष 2016 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह में 10-15 फीसदी की गिरावट आ सकती है।

क्षेत्रीय निवेश के रुझान

• स्काुंचन के लगातार तीन साल के बाद, विकसित देशों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह 2007 के बाद से तेजी से 765 अरब डॉलर की नई ऊँचाई तक पहुँचा, जो कि 2014 में की तुलना में 9 प्रतिशत अधिक हैं।

• भारत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह में विश्व के शीर्ष दस देशों में शामिल है और एशिया में चौथे स्थान पर है।

• वर्ष 2014 में 35 डॉलर की तुलना में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश वर्ष 2015 में 44 अरब डॉलर हो गया था।

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में वृद्धि के कारण

• मेक इन इंडिया पहल के साथ उदारीकरण के उपाय और सरकार दव्ारा शुरू सुधार।

• नागरिक उड्‌यन, रक्षा, खाद्य उत्पादों और फार्मास्यूटिकल्स (दवाई/औषधि बनाने एवं वितरण से संबंधित), सहित सात नए क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में वृद्धि की हाल की घोषणा से विशाल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह होने की संभावना है।

• भारत जैसी सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यस्था दव्ारा विशाल संभावना की पेशकश।

बहिर्प्रवाह

• बहिर्प्रवाह के मामले में, अधिकतर विकासशील और संक्रमण क्षेत्रों में गिरावट आई हैं।

• भारत से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह में गिरावट वस्तुओं के कारण हैं।

निवेश नीति के रुझान

• अधिकतर नई निवेश नीति उपाय निवेश उदारीकरण और प्रोत्साहन देने की दिशा में ही हैं।

• सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा नियमों को लागू करने की शक्ति को निवेशकों की पारदर्शिता और उम्मीद के मुताबिक प्रक्रियाओं की जरूरत के साथ संतुलित किये जाने की जरूरत है।

• सतत विकास के लिए निवेश को बढ़ावा देने के लिए उदारीकरण और विनियमन के बीच सही संतुलन कायम करने की आवश्यकता है।

व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीटीएडी)

व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन व्यापार, निवेश और विकास के मुद्दों से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा का एक प्रमुख अंग है। संगठन का लक्ष्य है ”विकासशील देशों व्यापार, निवेश और विकास के अवसरों को बढ़ाना।”

• यह विश्व निवेश मंच का आयोजन करता है।

• यह निम्न रिपोर्ट (विवरण) प्रकाशित करता है।

• विश्व निवेश रिपोर्ट

• प्रौद्योगिकी और नवाचार रिपोर्ट