एसडीआर में यूआन (Yuan In SDR – Economy)

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• आईएमएफ ने 1 अक्टूबर 2016 से चीनी मुद्रा रेन्मिन्बी (आरएमबी) को विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) का सृजन वाली करेंसी (मुद्रा) बास्केट (डलिया) में शामिल करने का निर्णय लिया

है।

• ’स्वतंत्रतापूर्वक उपयोग की जाने लायक’, ’व्यापक रूप से प्रयुक्त’ और ’व्यापक रूप से लेन-देन’ में शामिल मुद्राएँ ही एसडीआर में शामिल होती है।

• एसडीआर में शामिल मौजूदा मुद्राएँ- अमेरिकी डॉलर, यूरो, जापानी येन और ब्रिटिश पौंड हैं।

एसडीआरएस क्या हैं?

• आईएमएफ दव्ारा 1969 में अंतरराष्ट्रीय रिजर्व परिसंपत्ति के रूप में सृजित एक कृत्रिम मुद्रा है। (परन्तु यह न ही मुद्रा है और नही आईएमएफ पर कोई दावा)।

• अंतरराष्ट्रीय खातों की स्थिरता तथा इनमें संतुलन हेतु एकमात्र माध्यम के रूप में सोना और डॉलर की सीमित भूमिका को ध्यान में रखते हुए इसका सृजन किया गया है।

• यह सदस्य-देशों की मौजूदा आरक्षित निधि के बतौर एक पूरक की तरह काम करती है और अंतरराष्ट्रीय तरलता को बढ़ावा देती है।

• एसडीआर स्वतंत्र रूप से उपयोग में लाई जाने वाली मुद्राओं से बदली जा सकती हैं।

• नवंबर 2015 तक 204 बिलियन (दस अरब) एसडीआरएस (लगभग 285 बिलियन (दस अरब) डॉलर के बराबर) का सृजन कर सदस्य देशों को आवंटित किया जा चुका है।

एसडीआर में युआन के शामिल किए जाने से क्या होगा?

अल्पकाल में इस समावेशन का बहुत ही कम प्रभाव पड़ेगा किन्तु इसके कुछ महत्वपूर्ण पहलू हैं:

• आरएमबी का समावेश एसडीआर समूह की विभिन्नता को बढ़ाएगा और इसे विश्व की प्रमुख मुद्राओं का प्रतिनिध बनाकर और आकर्षक बनाएगा।

• चीन के वैश्विक वित्तीय एकीकरण की प्रक्रिया में यह एक प्रमुख मील का पत्थर है।

• चीन में जारी सुधारों को चिन्हित करता है।

• हाल के वर्षो में चीनी आरएमबी के अंतरराष्ट्रीय में हुई महत्वपूर्ण बढ़त को चिन्हित करता है तथा एक खुली व बाजारोन्मुखी अर्थव्यवस्था में चीन की रूपांतरण को सहारा देता है।

• यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आरएमबी के पहले से बढ़ रहे इस्तेमाल व व्यापार को बढ़ाने में और मदद करेगा।