अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance – Environment And Ecology)

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• हाल ही में भारत दौरे पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति ने भारतीय प्रधानमंत्री के साथ गुड़गाँव में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के अंतरिम सचिवालय की नींव रखी।

• इससे पूर्व भारत और फ्रांस ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का शुभारंभ दिसंबर 2015 में पेरिस में सीओपी 21 जलवायु सम्मेलन में किया था।

• अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के सचिवालय की स्थापना भारत के गुड़गाँव स्थित राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान में की जाएगी।

• गठबंधन का सचिवालय बनाने के लिए भूमि भारत सरकार दव्ारा उपलब्ध कराई जाएगी एवं निर्माण के लिए 30 लाख डॉलर (अमेरिका व अन्य राज्यो की प्रचलित मुद्रा) भी दिये जाएंगे। साथ ही भारत सरकार सचिवालय को 5 साल के लिए समर्थन भी देगी।

उद्देश्य

• सौर प्रौद्योगिकी और सौर ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना ताकि गरीबों के लिए आय का सृजन हो सके और वैश्विक पर्यावरण की गुणवत्ता को बढ़ावा जा सके।

• सौर ऊर्जा तकनीक के अनुप्रयोग को बढ़ावा देने परियोजनाओं और कार्यक्रमों को तैयार करना।

• पूंजी की लागत कत करने के लिए नए वित्तीय तंत्रों का विकास करना।

• सौर ऊर्जा से संबंधित एक सामूहिक ’ज्ञान ई-पोर्टल’ (प्रवेशदव्ार) का निर्माण करना।

• सौर ऊर्जा प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्रोत्साहित करने एवं लोगों दव्ारा इसके उपयोग हेतु उनकी क्रय क्षमता बढ़ाने के लिए सुविधाएं प्रदान करना और सदस्य देशों में सौर ऊर्जा पर शोध एवं विकास की सुविधा उपलब्ध कराना।

सनशाइन राष्ट्र

सभी प्रमुख देश जो पूरी तरह या आंशिक रूप से कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच अवस्थित हैं उन्हें सनशाइन राष्ट्रों की सूची में शामिल किया जाता है। इसमें 107 देश शामिल हैं।