आदि वानर (प्राइमेेट) की नई प्रजाति देखी गयी (New Species of Apes Were Seen Etc – Environment And Ecology)

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• अरुणाचल में फोटोग्राफरों (छायात्रि खीचने वाला) दव्ारा प्राइमेट (धर्माधिपती) की एक नयी प्रजाति देखी गयी जिसे व्हाइट (सफेद)-चीक्ड (किसी भी पक्षी का बच्चा) मकाक कहा गया है।

• मकाक, लंगूर और गिब्बन के दूरस्थ संबंधी हैं।

• इससे पहले 2005 में मुंजाला मकाक की खोज की गयी थी।

भारत में बंदरों के प्रकार

• रीसस बंदर, शहरी और ग्रामीण भारत में पाया जाने वाला सबसे आम बंदर हैं।

• उत्तर-पूर्वी भारत में अरुणाचल मकाक, असम मकाक, पिग-टेल्ड (पूंछवाला) मकाक और स्टंप (पैर)-टेल्ड (पूंछवाला) मकाक पाया जाता है।

• पश्चिमी घाट में लायन (शेर)-टेल्ड (पूंछवाला) मकाक पाया जाता है। IUCN के अनुसार यह ’संकटग्रस्त’ हैं।

• असम में गोल्डन लंगूर, उत्तर-पूर्व भारत में टोपी वाला लंगूर तथा नीलगिरी पहाड़ियों में नीलगिरी लंगूर पाया जाता है।

• उत्तर-पूर्व में हूलाक गिब्बन पाया जाता है, जो भारत में पाई जाने वाली एप की एक मात्र प्रजाति है।

• स्लैंडर लोरिस-भारत के दक्षिण-पूर्वी घाटों में पाया जाने वाला निशाचर आदि वानर है।