संगाई ब्रो-ऐन्ट्‌लर्ड डियर (हिरण) (Sangai Brow-Antlered Deer – Environment And Ecology)

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संगाई के बारे में

• संगाई स्थानिक, दुर्लभ और अति संकटग्रस्त ब्रो-ऐन्ट्‌लर्ड हिरण की एक उप प्रजाति है। यह केवल मणिपुर में पाया जाता है।

• यह मणिपुर का राजकीय पशु भी है।

• इसका वासस्थल लोकटक झील में तैरते बायोमास (जैव ईंधन) पर अवस्थित केइबुल लामजाओ आर्द्रभूमि तक सीमित है। इस तैरते बायाेामस को स्थानीय भाषा में ’फुम्डी’ कहा जाता है।

• संगाई जब तैरते बायोमास पर चलता है तो प्राय: अपने को संतुलित करता है जिससे यह हरी घास पर नृत्य करता हुआ प्रतीत होता है। इसलिए इसे लोकप्रिय रूप से मणिपुर का नृत्य करने वाला हिरण कहा जाता है।

• IUCN दव्ारा इसे विलुप्तप्राय श्रेणी में रखा गया है लेकिन यह पर्यावरण और वन मंत्रालय के ’रिकवरी (वसूली) प्रोगाम (कार्यक्रम) फॉर (के लिए) क्रिटिकली (गंभीर रूप से) इन्डैन्जर्ड (लुप्तप्राय) स्पीशीज (जाति) एंड (और) हैबिटैट’ (वास) का भाग है।

सुर्खियों में क्यों?

• भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के वैज्ञानिकों को इनकी घटती संख्या के कारण संगाई को दूसरा वासस्थल उपलब्ध कराने का कार्य सौंपा गया है।

संगाई की घटती संख्या का कारण

• कृत्रिम जलाशय और बांध के निर्माण के कारण जल व्यवस्था में बदलाव आया है। इसके परिणामस्वरूप फुम्डी हल्का हो रहा है जिससे यह हिरणों का वजन सहन करने में असमर्थ है।

• मुख्य रूप से फुम्डी के लगातार तैरते रहने के कारण इनको आश्रय प्रदान करने वाले पौधों के विकास के अवरुद्ध होने से संगाई को शिकार के प्रति सुभेद्य बना दिया है।

संबंधित जानकारी

• मणिपुर राज्य के वन विभाग दव्ारा इसे विलुप्त होने से बचाने के उद्देश्य से संगाई हिरण के एक वर्ग को स्थानांतरित करने का फैसला किया गया है। इनका स्थानातंरण पुम्लेन पाट में किया जाएगा। जो इसके वर्तमान आवास से नजदीक स्थित है।

• लोकटक झील भारत में अंतरराष्ट्रीय महत्व के रामसर स्थलों में से एक है।

• केइबुल लामजाओ भारत में एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान है।

• फुुम्डी एक प्रकार की मिश्रित वनस्पति हैं जो जैविक पदार्थो और मृदा के संचय से निर्मित ’फ्लोटिंग (चल) बायोमास’ (जैव ईंधन) है।