मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) -यूएनडीपी (Human Development Index – Government Plans)

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केलकूलटिंग (स्वार्थी/अवसरवादी) (द एच आई डी)

डेमिनेशन

(लंबाई)

ए लॉग एंड हेल्दी लाइफ

(लंबा और स्वास्थ्य जीवन)

बींग नोलेजबल

(जीवनधारी जानकारी)

ए डिसेंट स्टेन्डडर्स ऑफ लिविंग

(उचित और उपयुक्त, गुण का मानक जीवित/जीवनशैली)

इंटिगेटरर्स

(लंक्षण/संकेत)

लाइफ एक्सपेटेन्सी

(जीवन संभावना)

एमवॉयएस एंड ईवायएस

जीएनआई पर कपीता

(जीएनआई, पर (के अनुसार) कपीता)

डेमिनेशनस

इन्डेक्स

(लंबाई सूची)

लाइफ एक्सपेटेन्सी इंडेक्स

(जीवन संभावना सूची)

ऐजुकेशन इंडेक्स

(शिक्षा सूची)

जीएनआई इंडेक्स

(जीएनआई सूची)

द एचडीआई (यह, उपर्युक्त और ज्ञान को दर्शानें के लिए प्रयुक्त एचडीआई)

यह है क्या?

एचडीआई एक समग्र सूचकांक है जो विभिन्न देशों को मानव विकास के चार स्तरों के आधार पर रैंकिंग प्रदान करता है

यह मानव विकास के तीन बुनियादी आयामों पर दीर्घ काल में होने वाली प्रगति का आकलन करने हेतु संक्षिप्त उपाय है। यह तीन आयाम हैं- एक लंबा और स्वस्थ्य जीवन, ज्ञान तक पहुंच और संतोषजनक जीवन स्तर।

भारत की स्थिति?

• भारत का स्थान मध्यम मानव विकास श्रेणी में है। देश पूर्व की भांति मानव विकास सूचकांक में निम्न रैंक पर ही रहा है, लेकिन जीवन प्रत्याशा और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि के कारण नवीनतम यूएनडीपी की रिपोर्ट में पांच स्थान के सुधार के साथ 130वें स्थान तक पहुँच गया है।

• 1980 और 2014 के बीच भारत का मानव विकास सूचकांक मूल्य 0.362 से बढ़कर 0.609 तक पहुँच गया है, अर्थात्‌ इसमें 68.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

• हालांकि स्कूलिंग (विद्यालयों) के प्रत्याशित वर्ष 2011 से ही 11.7 पर स्थिर हैं और स्कूलिंग के माध्य वर्ष भी 2010 से 5.4 पर स्थिर हैं।

जन्म के समय जीवन प्रत्याशा: यह 2013 में 67.6 वर्ष से बढ़कर 2014 में 68 वर्ष हो गयी, जो कि 1980 में 53.9 वर्ष थी।

प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (जीएनआई): यह 2014 में 5,497 अमेरिकी डॉलर थी।

• लैंगिक विकास सूचकांक (जीडीआई): महिला मानव विकास सूचकांक मूल्य/पुरुष मानव विकास सूचकांक मूल्य

रिपोर्ट में भारत के जीडीआई के बारे मेें कहा गया है कि 2014 में भारत में महिला एचडीआई मूल्य केवल 0.525 है जबकि पुरुष एचडीआई मूल्य 0.66 है, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2014 का जीडीआई मूल्य 0.795 हैं।