परंपरागत चिकित्सा पर भारत और विश्व स्वास्थ्य संगठन के बीच समझौता (Agreement Between India And The World Health Organization on Conventional Medicine – Social Issues)

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• भारत सरकार के आयुष मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने परंपरागत चिकित्सा पर एक परियोजना सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

• यह समझौता परंपरागम और पूरक चिकित्सा के क्षेत्र में गुणवत्ता, सुरक्षा और सेवा प्रावधान की प्रभाविता को बढ़ावा देने के संबंध में सहयोग के लिए है।

• इसका उद्देश्य ”परपंरागत और पूरक चिकित्सा रणनीति: 2014-2023” के विकास और कार्यान्वयन में विश्व स्वास्थ्य संगठन की मदद करना है।

• 2016-2020 अवधि के लिए यह समझौता पहली बार योग में प्रशिक्षण के लिए डब्ल्यूएचओ बेंचमार्क दस्तावेज़ तथा आयुर्वेद, यूनानी और पंचकर्म में प्रैक्टिस (अभ्यास) के लिए डब्ल्यू एच ओ बेंचमार्क प्रदान करेगा।

• इससे परंपरागत चिकित्सा में राष्ट्रीय क्षमताओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

• साथ ही यह परंपरागत चिकित्सा उत्पादों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में उनके एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए नियामक ढाँचा स्थापित करने में भी मदद करेगा।

• यह भारतीय पंरपरागत चिकित्सा प्रणाली को वैश्विक रूप से बढ़ावा देने में भी योगदान देगा।

• यह रोगों के अंतरराष्ट्रीय वर्गीकरण और स्वास्थ्य उपायों के अंतरराष्ट्रीय वर्गीकरण में आयुर्वेद और यूनानी को शामिल करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।