एशिया में संपर्क और विश्वास बहाली के उपायो पर सम्मेलन (सीआईसीए) (Conference on Remedies For Contact And Trust In Asia – Governance And Governance)

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यह ऐशिया में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में सहयोग बढ़ाने के लिए एक अंतर-सरकारी मंच है।

• भारत सहित 26 सदस्यों वाले सीआईसीए की स्थापना 1992 में कजाकिस्तान के राष्ट्रपति नूरसुल्तान नजरबायेव दव्ारा एक प्रस्ताव के आधार पर अंतर-सरकारी विचार-विमर्श करने के लिए की गई थी।

• इस मंच के विदेश मंत्रियों की पांचवी बैठक तीन बीजिंग शहर में आयोजित की गयी थी।

• इस बैठक के दौरान चीनी राष्ट्रपति के दव्ारा अमेरिका के ’धुरी’ सिद्धांत का मुकाबला करने के लिए एक नए सुरक्षा सिद्धांत को प्रस्तुत किया गया।

• चीन ने, अमेरिका दव्ारा उत्पन्न क्षेत्रीय असंतुलन करने के लिए एशियाई देशों को ”एशियाई विशेषताओ” के साथ एक सुरक्षा शासन मॉडल (आर्दश) तैयार करने के आमंत्रित किया।

• राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ”आम सहमति बनाने के लिए और संवाद को बढ़ाने के लिए” एशियाई विशेषताओं के साथ सुरक्षा शासन मॉडल (आर्दश) को बढ़ावा देने के लिए प्रतिभागियों से आग्रह किया।

समुद्री विवाद

• अमेरिकन पिवोट सिद्धांत का जवाब देने हेतु दक्षिण चीन सागर में चीन की ताजा सक्रियता के बाद अमेरिका और चीन के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है।

• वाशिंगटन के दव्ारा इस क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को ”नौवहन की स्वतंत्रता” के लिए एक खतरे के रूप में प्रस्तुत किया है जिसके माध्यम से दक्षिण चीन सागर से गुजरने वाले 5.3 ट्रिलियन डालर के व्यापार में बाधा आ सकती है।

• चीन ने एशियाई देशों के बीच मतभेदों को हल करने के लिए बाह्य शक्तियों के हस्तक्षेप अथवा मुद्दे के अंतरराष्ट्रीय करने पर आपत्ति जताई है,

• चीनी पक्ष के दव्ारा बार-बार, बीजिंग के साथ अपनी समुद्री दावों को निपटानें के लिए हेग स्थित स्थाई मध्यस्थता न्यायालय में याचिका दायर करने के मनीला के फैसले की आलोचना की गयी है।