भारत-कतर (India – Qatar – International Relations India And The World)

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प्रधानमंत्री ने गैस समृद्ध कतर की पहली आधिकारिक यात्रा की। इस यात्रा के दौरान 7 समझौता पर हस्ताक्षर किए गए।

• राष्ट्रीय निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी संरचना) फंड (ऋण प्रदान करना) और कतर निवेश प्राधिकरण के बीच, भारत में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में कतर के संस्थागत निवेशकों की भागीदारी को सरल बनाने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये।

• सीमा शुल्क मामलों में पारस्परिक सहयोग और सहायता पर करार।

• वित्तीय खुफिया इकाई-भारत (एफआईयू-आईएनडी) और कतर वित्तीय सूचना इकाई के बीच मनी (रुपये) लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद वित्तपोषण और अन्य संबंधित अपराधों से संबंधित खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान में सहयोग के विषय में समझौता ज्ञापन।

• कौशल विकास और योग्यता को मान्यता देने में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन।

• पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन।

• युवा और खेल के क्षेत्र में प्रथम कार्यकारी कार्यक्रम पर समझौता ज्ञापन।

• स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन।

कतर का महत्व

• 2014-15 में दव्पक्षीय व्यापार 15.67 बिलियन डॉलर था जिसमें भारत का निर्यात केवल 1 अरब डॉलर था।

• यह भारत के कच्चे तेल के आयात के प्रमुख स्रोतों में से भी एक है।

• एलएनजी व्यापार का प्रमुख मद होने के साथ, भारत जापान और दक्षिण कोरिया के बाद कतर के लिए तीसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है।

• भारतीयों का समूह कतर में प्रवासियों का सबसे बड़ा एकल समूह हैं।

• प्रधानमंत्री ने खाड़ी क्षेत्र के साथ संबंधों में सुधार लाने पर ध्यान केंद्रित किया है जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। वह पहले ही संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब का दौरा कर चुके है।

• कतर खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) का सदस्य हैं।