गैर सरकारी संगठनों को विदेशों से प्राप्त धन और विदेशी अंशदान विनिमय अधिनियम (NGOs Say Money Received From Foreign Countries And Foreign Contribution Transaction Act – Arrangement of The Governance)

Download PDF of This Page (Size: 190K)

• विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के प्रावधानों के अंतर्गत गृह मंत्रालय ने गैर सरकारी संगठन ग्रीनपीस का पंजीकरण रद्द कर दिया।

विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए)

• यह अधिनियम विभिन्न संगठनों को विदेशों से प्राप्त अंशदान या सहायता को विनियमित करता है।

• यह राजनैतिक प्रकृति वाले संगठनों को विदेशों से प्राप्त करने पर रोक लगाता है।

• राष्ट्रीय हित अथवा राष्ट्र सुरक्षा के लिए घातक गतिविधियों के संचालन के लिए प्राप्त विदेशी अंशदान अथवा सहायता पर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्र सरकार प्राधिकृत है।

• एफसीआरए को गृह मंत्रालय दव्ारा लागू किया जाता हैं।

गैर सरकारी संगठनों और इनकी कार्यप्रणाली से संबंधित क्षेत्रों में सरकार दव्ारा लाए गए सुधार

• सरकार दव्ारा विदेशी अंशदान अधिनियम 2015 के दव्ारा पुराने नियमों में बदलाव किया गया है। इसके माध्यम से गैर सरकारी संगठनों को प्राप्त होने वाले अनुदान का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा।

• गृह मंत्रालय ने सभी प्रकार के विदेशी अंशदान और सहायता आदि ऑनलाइन (परिकलित्र से जुड़ा हुआ) प्रक्रिया के माध्यम से सम्पन्न किए जाना प्रस्तावित किया है।

• सरकार ने ऐसे सभी गैर सरकारी संगठनों के लिए एक वेबसाइट (जालस्थिति) का संचालन करने का निर्णय लिया है जो अब तक स्वयं ऐसी वेबसाइट का निर्माण और संचालन करने में सक्षम नहीं हो पाए हैं।

• गैर सरकारी संगठनों को विदेशों से प्राप्त किसी भी अनुदान की प्राप्ति से, 48 घंटे के अंदर संबंधित बैंंक दव्ारा गृहमंत्रालय को जानकारी दी जाएगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से गैर सरकारी संगठनों के दव्ारा प्राप्त धन के सदुप्रयोग अथवा दुरुपयोग की निगरानी की जा सकेगी।

• सरकार ने गैर सरकारी संगठनों के पंजीकरण आदि से संबंधित प्रपत्रों की संख्या में कटौती की है। पंजीकरण, पंजीकरण के पुनर्नवीनीकरण तथा कार्यक्रमों के संचालन के लिए पुर्वानुमति प्राप्त करने के लिए अब एक ही निर्धारित प्रपत्र भरना होगा।

• सरकारी विदेशी अंशदान प्राप्त करने वाले गैर सरकारी संगठनों के ऑडिट (अधिकृत लेखा परीक्षण) और पंजीकरण की प्रक्रियाओं के सरलीकरण का प्रयास कर रही है। सरकार की कोशिश है कि सत्ता और गैर सरकारी संगठनों के बीच मध्यस्थ संस्थाओं को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाए। इन प्रयासों का उद्देश्य है कि गैर सरकारी संगठनों को अपने कार्यों के संंचालन के लिए नौकरशाही पर कम से कम निर्भर रहना पड़े।

• यदि किसी गैर सरकारी संगठन को किसी साल कोई भी विदेशी अंशदान नहीं प्राप्त नहीं हुआ है, तो उस साल उन्हें अंकेक्षक की रिपोर्ट (विवरण) की प्रमाणिकता प्रति गृह मंत्रालय के विदेश-प्रभाग के समक्ष प्रस्तुत करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

एफसीआरए अधिनियम: किसी व्यक्ति अथवा कंपनी दव्ारा ’विदेशी अंशदान’ या विदेशी सुविधांं की स्वीकृति अथवा उपभोग का विनियमन करना; तथा ऐसे विदेशी अंशदान एवं विदेशी सुविधा की स्वीकृति एवं उपभोग पर रोक लगाना जो राष्ट्रीय हित एवं इसमें जुड़े मुद्दों से प्रत्यक्ष रूप में अथवा संयोगवश जुड़ा हुआ हो।

इनके दव्ारा कोई विदेशी योगदान स्वीकृत नहीं किया जा सकेगा

• चुनाव उम्मीदवार

• संंवाददाता, स्तंंभकार, कार्टूनिस्ट (हास्य चित्र कलाकार), या एक पंजीकृत अखबार के प्रकाशक, संपादक, मालिक अथवा प्रिंटर (मुद्रक)

• न्यायाधीश, सरकारी कर्मचारी या किसी निगम या सरकार के स्वामित्व अथवा नियंत्रण में आने वाले किसी निकाय के कर्मचारी

• विधायिका का कोई भी सदस्य

• राजनीतिक दल या उसके पदाधिकारी

Master policitical science for your exam with our detailed and comprehensive study material