परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विधेयक 2015 (Transport And Road Safety Bill 2015 – Law)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

हाल ही में सरकार दव्ारा सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत तक की कमी लाने के लिए नया परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विधेयक 2015 प्रस्तावित किया गया है।

प्रमुख विशेषताएँ

तकनीकी: इसके अंतर्गत नवीन तकनीकी और बेहतर मानकों को अपनाकर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। विधेयक इस संदर्भ में वाहनों की बेहतर डिजाइन (रूपरेखा) पर भी जोर देता है। यह वाहनों के स्पेयर (अतिरिक्त) पाट्‌र्स (भाग) को सस्ता बनाने पर भी केंद्रित है।

वित्त पोषण: यह सुरक्षा कार्यक्रमों के वित्तपोषण हेतु अभिनव वित्तपोषण तंत्र का प्रस्ताव करता है, जिससे सड़क यातायात दुर्घटना से होने वाली मौतों में कमी होगी और अनुमानत पहले 5 साल में 200,000 से अधिक लोगों की जान बचायी जा सकेगी।

मोटर वाहन विनिमन एवं परिवह सड़क सुरक्षा प्राधिकरण: यह स्वतंत्र संस्था मोटर वाहन और सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों की स्थापना करेगी। यह सड़क और वाहन सुरक्षा कार्यक्रमों को वित्त प्रदान करेगी और संसद के प्रति उत्तरदायी होगी।

मोटर वाहन विनियमन: विधेयक मोटर वाहन संबंधी उपयुक्त विनियमनों की स्थापना करता है।

एकीकृत चालक लाइसेंसिंग (अनुमति/आज्ञा) व्यवस्था विधेयक में सरलीकृत, पारदर्शी तथा बायोमेट्रिक प्रणाली पर आधारित (ताकि डुप्लीकेशन (अनुलिपि) से बचा जा सके) एकल खिड़की लाइसेंसिग (अनुमति) व्यवस्था के निर्माण को प्रस्तावित किया गया है।

एकीकृत वाहन पंजीकरण व्यवस्था:

सड़क सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन:

• शहरी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा एवं यातायात संबंधी नियमों का प्रवर्तन इलेक्ट्रानिक (विद्युत संबंधी) युक्तियों के प्रयोग के दव्ारा सुनिश्चित किया जाएगा।

• किसी भी प्रकार की सड़क या वाहन दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता पहुँचाने हेतु एक वाहन दुर्घटना कोष का निर्माण किया जाएगा। इन प्रयासों के अंतर्गत विद्यालयी बच्चा और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का विशेष प्रयास किया जाएगा।

राष्ट्रीय सड़क परिवहन एवं विधि यातायात समन्वय प्राधिकरण:

• सड़क परिवहन की गुणवत्ता में सुधार हेतु एक राष्ट्रीय सड़क परिवहन एवं विधि यातायात समन्वय प्राधिकरण की स्थापना।

• एक कीकृत परिवहन व्यवस्था के विकास पर फोकस, जहां यातायात के विविध रूप, यथा- वायु, सड़क, रेल, जल आदि एक दूसरे के साथ सहयोगी एवं पूरक की भूमिका निभाते हुए एक सशक्त एवं प्रभावशाली परिवहन व्यवस्था का निर्माण करेंगे। ताकि लोगों को उनकी यात्रा के अंतिम बिन्दु तक कनेक्टिविटी (दो वस्तुओं को जोड़ना) प्रदान की जा सके।

सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था

• सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था की सहभागिता में वृद्धि करना।

• दव्स्तरीय परमिट व्यवस्था (राष्ट्रीय और अंतर्राज्यीय) का निर्माण

वस्तु परिवहन और राष्ट्रीय माल-भाड़ा नीति

• आसान परमिट और सिंगल पोर्टल (एकल प्रवेशदव्ारा) क्लियरेंस (साफ करने का कार्य)

• माल-भाड़ा नेटवर्क (जालकार्य) की पहचान और विकास

आधारभूत सरचना एवं यातायात के विविध रूपों के माध्यम से सुगम परिवहन प्रणाली

• यात्री एवं मालभाड़ा परिवहन प्रणाली को तीव्र बनाने हेतु आधारभूत संरचना

• विद्यालयी छात्र, महिलाओं, वुद्ध आदि सुभेदय्‌ वर्गों के लिए आधारभूत संरचना की आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान

• परिवहन के विभिन्न रूपों को एकीकृत व्यवस्था में समाहित करना

अपराध और दंड संबंधी प्रावधान

• ग्रेडेड (क्रम में रखना) पेनाल्टी (सजा) पॉइंट (समय) सिस्टम (प्रबंध) तथा अर्थदंड में वृद्धि एक निवारक का काम करेंगे एवं सड़कों पर चालकों दव्ारा हिंसक रोष की अभिव्यक्ति में कमी लायेंगे।

• यह यातायात नियमों का उल्लघंन करने वालों से कठोरता से निपटने का प्रावधान करता है। यदि ड्राइविंग (गाड़ी पर सवार होकर चलना) के दौरान किसी बालक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो उत्तरदायी व्यक्ति को कुछ स्थितियों में 3 लाख रुपए का अर्थदंड तथा 7 वर्ष तक का कठोर कारावास भुगतना पड़ सकता है।

यातायात विनियमन एवं सरक्षण बल: राजमार्गों पर प्रभावी पुलिस व्यवस्था एवं यातायात नियमों के सार्थक क्रियान्वयन के लिए एक सशस्त्र बल का गठन।

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