नैनोमटेरियल के सुरक्षित हैंडलिंग (शीर्षक) के लिए मसौदा दिशा-निर्देश (Draft Guidelines For Safe Handling of Nano Material – Science And Technology)

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• विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत मिशन दव्ारा ”अनुसंधान प्रयोगशालाओ और उद्योगों में नैनोमटेरियल के सुरक्षित हैंडलिंग (प्रबंधन) के लिए दिशनिर्देश और बेहतरीन कार्यप्रणाली” हेतु मसौदा जारी किया गया हैं।

• यह दिशानिर्देश वस्तुत: अनुसंधान प्रयोगशालाओ और उद्योगों में नैनोमटेरियल के सुरक्षित हैंडलिंग के लिए मानक संचालन प्रक्रिया के साथ-साथ एक मजबूत जोखिम नियंत्रण रणनीति के तौर पर कार्य प्रथाओं और व्यक्तिगतसुरक्षा उपकरणों को नियत करता है।

• यह खतरो की पहचान के साथ-साथ सरफेस केमेस्ट्री (रसायन विज्ञान) के विशिष्ट प्रभाव को नोट करना, विभिन्न अंगो में विषाक्ता पर आकृति, आकार और आकृति विज्ञान की प्रक्रिया को निर्धारित करना करता है।

• यह दिशा-निर्देश नैनोपाउडर के निर्माण और हैंडलिंग तथा खाद्य एवं स्वास्थ्य से संबंधति उत्पादों के प्रयोग के लिए बेहतरीन कार्यप्रणाली का सेट निर्धारित करता है।

नैनोप्रौद्योगिकी के कुछ अनुप्रयोग

• पानी का विलवणीकरण

• गंदे जल का उपचार

• अन्य नैनोउपचार

• बीमारी के ईलाज और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कम करने के लिए नैनोमेडिसिन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

• सनस्क्रीन (सूर्यपर्दा), सौदर्य प्रसाधन और खाद्य पैकेजिंग में नैनोकणों का इस्तेमाल किया जाता है।

नैनो मिशन के बारे में

• भारत सरकार ने मई 2007 में, 5 वर्ष के लिए 1000 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ नैनो विज्ञान और प्रौद्योगिकी मिशन (नैनो मिशन) को मंजूरी प्रदान किया था।

• विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग नैनो मिशन के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी (पातिक/ ग्रंथल, कार्यस्थान) है।

• नैनो मिशन पर अनुसंधान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य क्षमता निर्माण है जिससे कि भारत इस क्षेत्र में एक वैश्विक ज्ञान-केेंद्र के रूप में उभरेगा।

• नैनो मिशन राष्ट्रीय विकास के लिए उत्पादों और प्रक्रियाओं के विकास के साथ-साथ विशेष रूप से सुरक्षित पीने का पानी, सामग्री विकास, सेंसर (संवेदन) विकास, दवा वितरण आदि के लिए प्रयासरत है।