मानव रहित वायुयानों पर दिशा-निर्देशों का मसविदा (Draft Guidelines On Unmanned Aircraft –Science And Technology)

Download PDF of This Page (Size: 190K)

सुर्खियों में क्यों?

पिछले महीने, नागरिक उड़यन महानिदेशालय (डीजीसीए) दव्ारा यूएवी परिचालन के लिए दिशा-निर्देशों का मसविदा जारी किया गया।

दिशानिर्देशों की आवश्यकता

• यूएवी या ड्रोन को बड़ी संख्या में नागरिक अनुप्रयोगों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा होने के अलावा, इसका उपयोग सुरक्षा के लिए खतरा भी पैदा करता है। उपरोक्त के अलावा इससे निजता के हनन की भी संभावना है।

• भारतीय शहरों के हवाई क्षेत्र में पहले से ही विमाल यातायात का एक उच्च घनत्व है और इसमें ड्रोन का अविनियमित उपयोग हवाई टक्कर और दुर्घटनाओं का एक गंभीर खतरा उत्पन्न करता है।

• इसके अलावा, मानव रहित विमान प्रणाली में तकनीकी प्रगति को देखते हुए, यह आवश्यक हो गया है कि इसकी गतिविधि को विनियमित करने के लिए मार्गदर्शक नियमावली विकसित की जाये।

केस स्टडी: कर्नाटक पुलिस दव्ारा यूएवी का प्रयोग:

• कर्नाटक पुलिस विभाग ड्रोन बेड़ा रखने और संचालित करने वाला पहला पुलिस बल है। इस संबंध में लगभग 20 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है और इन्हें ड्रोन संचालन को विशेष कार्य सौंपा गया है। यूएवी पहले ही रात में देख पाने की अपनी क्षमता के कारण कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की सीमा पर बालू खनन की पहचान करने में पुलिस की मदद कर चुके हैं।

विनियम

• भारत में परिचालन की मंशा रखने वाले सभी मानवरहित विमानों को डीजीसीए दव्ारा विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईएन) ्राप्त करना अनिवार्य होगा।

• सभी नागरिक यूएवीएस को डीजीसीए से परिचालन अनुमति प्राप्त करनी होगी।

• यूआईएन एक भारतीय नागरिक या एक कंपनी (जनसमूह) को प्रदान किया जाएगा जिसका अध्यक्ष और दो तिहाई निदेशक भारतीय नागरिक हों।

• जिस यूएवी के पास यूआईएन होगा उसे बिना डीजीसीए की अनुमति के किसी व्यक्ति या फर्म को हस्तांतरित या बेचा नहीं जा सकेगा।

• नीति रिमोट पायलटों, जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हों, के प्रशिक्षण के साथ-साथ नियंत्रित हवाई क्षेत्र के संदर्भ में विनियमों के लिए दिशा-निर्देशों को भी सूचीबद्ध करती है।

• ड्रोन के आयात हेतु डीजीसीए से पूर्व अनुमोदन आवश्यक होगा जिसके आधार पर डीजीएफटी आयात के लिए लाइसेंस (अनुमति) प्रदान करेगा।

• अनियंत्रित हवाई क्षेत्र में 200 फीट एजीएल (above ground level) (ऊँचाई पर/स्तर, भूमि बराबर, करना) पर या उससे ऊपर यूए संचालन के लिए डीजीसीए से अनुमति की आवश्यकता होगी। अनियंत्रित हवाई क्षेत्र में 200 फीट एजीएल से नीचे संचालनों के लिए यूएओपी की आवश्यकता नहीं होगी।

• नागरिक यूएएस के अंतरराष्ट्रीय संचालन (सीमाओं के बाहर उड़ान) या जल के ऊपर उड़ाने पूर्णत: प्रतिबंधित होगी।

यूएवीएस के उपयोग एवं लाभ

• सर्वेक्षण, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की निगरानी के साथ प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में संपत्ति और जीवन के नुकसान का आकलन।

• सरकार, सुरक्षा एजेंसियों, कंपनियों (कार्यस्थानों, जनमूहों) , शोधकर्ताओं, खुदरा विक्रेताओं और विमानन उद्योग से जुड़े उद्यमियों के लिए इसके अत्यधिक लाभ हैं।

• अन्य वाणिज्यिक और मनोरंजन से संबंधित उपयोग।

मुद्दे और सुझाव

• माइको एवं मिनी यूएवीएस की परिचालन सीमा 500 मीटर है जो मानचित्रण और बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे कि लाइनों, राजमार्गों, नदी बेसिन, आदि की निगरानी के प्रयोजन को सीमित करने वाला एक कारक है।

• डीजीसीए के नियम इस तरह के होने चाहिए की वो निजी क्षेत्र के लिए समान अवसर सुनिश्चित कर सकें ताकि नवाचार, विकास और एंड यूजर (और प्रयोगकर्ता) दव्ारा यूएवी प्रौद्योगिकियों को अपनाने की प्रक्रियाएं आम हो सकें।

• इसे वाणिज्यिक एवं व्यक्तिगत यूएवी उपयोग के निजता, उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता संबंधी मुद्दों हेतु एक ढाँचे (जो ’इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (कारोबार) से संगत हो) के विकास के लिए विभिन्न हितधारकों को आपस में जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

• विजुअल (दृष्टि-संबंधी) लाइन (रेखा) ऑफ़ (का) साईट (घटना स्थल/उदाहरण-स्वरूप देना) (वीएलओएस) प्रतिबंधों को समाप्त कर देना चाहिए-यह कैमरा तथा उत्पाद वितरण की क्षमता से युक्त यूएवी की उपयोगिता को बाधित करता है।

• सुरक्षा, प्रवर्तन और दंड के मुद्दों का पर्याप्त समाधान नहीं किया गया है। उदाहरण के लिए-पर्याप्त जुर्माने के अभाव में, दिशा-निर्देशों में सज़ा संबंधी प्रावधानों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा।

निष्कर्ष

आज के यूएवी अगली पीढ़ी की एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों के लिए अग्रदूत हैं। जब तक हम उपयुक्त नियमों का निर्माण नहीं करते, निवेश यूएवी उद्योग के विकास में विश्वास से परिपूर्ण कदम रखने में अनिच्छुक होंगे।