भारत ने सफलतापूर्वक अवरोधक मिसाइल का परीक्षण किया (India successfully tests missile interceptor – Science And Technology)

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§ डीआरडोओ ने एक नई स्वदेशी तकनीक दव्ारा एडवांस एयर डिफेंस (एएडी) (पहले से हवा सुरक्षा) इंटरसेप्टर (बाधा डालना) मिसाइल (प्रक्षेपास्त्र) ’अश्विन’ विकसित की है।

§ मिसाइल का नए नामित अब्दुल कलाम दव्ीप पर परीक्षण किया गया। यह दव्ीप ओडिशा के बलाशोर जिले में अवस्थित है। अंटरसेप्टर मिसाइल विकसित करने की दिशा में यह 12 वाँ परीक्षण था।

§ परीक्षण में एकल चरणीय अश्विन एडवांस डिफेन्स इंटरसेप्टर (बाधा डालना) मिसाइल का एक मोबाइल लांचर दव्ारा लांच (शुरू) किया जाना और इसके दव्ारा रास्ते में आने वाले एक नाभिकीय सक्षम धुनष बैलिस्टिक का 20-40 किलोमीटर की अंत: वायुमंडलीय ऊँचाई पर विनाश शामिल है।

§ इंटरसेप्टर (बाधा डालना) की मारक क्षमता विभिन्न ट्रैकिंग (लंबी यात्रा) स्रोतों दव्ारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ो का विश्लेषण कर के सुनिश्चित की गई।

मुख्य बातें

§ 7.5 मीटर लंबी, एकल चरणीय राकेट प्रणोदक, ग्राइडेड, सुपरसोनिक मिसाइल।

§ यह रास्ते में आने वाले शत्रु के किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराने में सक्षम है।

§ मिसाइल में इस्तेमाल की गई तकनीक एन्किप्टेड है जिसमें एक सुरक्षित डाटा लिंक (आंकाड़े जोड़ना) का इस्तेमाल किया गया है जो स्वतंत्र ट्रैकिंग और होमिंग क्षमता और परिष्कृत राडार्स से युक्त है।

भारत के बैलिस्टिक मिसाइल डिफेन्स सिस्टम (प्रक्षेपास्त्र सुरक्षा प्रबंध) के बारे में

§ भारत ने 1999 में बहु चरणीय बैलिस्टिक मिसाइल डिफेन्स सिस्टम विकसित करना शुरू किया। यह कारगिल युद्ध के अंत के बाद पाकिस्तान के बढ़ते हुए मिसाइल अस्रागार को देखते हुए किया गया।

§ 40 भारतीय कंपनियों (जनसमूहों) का समूह इस बैलिस्टिक मिसाइल डिफेन्स शील्ड को विकसित करने में शामिल हैं।

§ यह बीएमडी शील्ड दो चरणों में संपन्न करेगी।

§ अंत वायुमंडल वातावरण (30 किमी. से कम) में एडवांस एयर डिफेंस (एएडी) अथवा अश्विन बैलिस्टिक इंटरसेप्टर मिसाइल

§ बाह्य वायुमंडल आधारित (50-80 किमी.) पृथ्वी एयर डिफेंस (पीएडी) अथवा प्रद्युम्न रक्षा प्रणाली-जो निम्नलिखित दो चरणों पर आधारित होगी

• चरण 1- 2000 किमी. की दूरी से आने वाले शत्रु प्रक्षेपास्त्रों को नष्ट करने के लिए अवरोधक का विकास।

• चरण 2 -लंबी दूरी से आने वाले शत्रु प्रक्षेपात्रों को नष्ट करने वाली प्रणाली के विकास से संबंधित।

§ स्वदेश निर्मित बीएमडी सिस्टम के साथ साथ, भारत ने रुसी एस-300 एयर डिफेन्स सिस्टम के छ: रेजिमेंट्‌स की अधिप्राप्ति की है, और साथ ही साथ उन्नत एस-400 के 5 अन्य रेजिमेंट्‌स के लिए बातचीत चल रही है।