लिडार (Leddar – Science And Technology)

Download PDF of This Page (Size: 172K)

सुर्ख़ियों में क्यों?

• लिडार के उपयोग से कम्बोडिया में अंकोरवाट के निकट के मध्ययुगीन शहर का अभूतपूर्व विवरण सामने आया है जो इस सभ्यता पर नया प्रकाश डालता है।

• तेलंगाना सरकार अपने विभिन्न इंजीनियरिंग कार्यों और परियोजनाओं में लिडार (लिडार-लाइट (रोशनी) डिक्टेशन (श्रुतलेख) एंड (और) रंनिंग (संचालन की प्रक्रिया) तकनीक का इस्तेमाल कर उच्च रिजल्यूशन (व्यवस्था/नियमानुकूल) वाले मानचित्र को बनाने की योजना बना रही है।

• पिछले वर्ष तेलंगाना सरकार ने गोदावरी नदी के प्रवाह का सर्वेक्षण लिडार तकनीक दव्ारा कराया था।

लिडार के बारे में

• लिडार एक सुदूर संवेदन विधि है जो कि पृथ्वी पर परिसार (चर दूरी) को मापने के लिए एक स्पंदित लेजर के रूप में प्रकाश का उपयोग करता है।

• ये प्रकाश स्पंदन हवाई प्रणाली दव्ारा दर्ज किये गए अन्य आकड़ों के साथ संयोग कर पृथ्वी और इसके सतही विशेषताओं के बारे में बिलकुल सटीक और त्रि-आयामी सूचना प्रदान करते हैं।

• दूसरे शब्दों में, लिडार एक सुदूर संवदेन तकनीक है जो लेजर के दव्ारा एक लक्ष्य को प्रकाशित कर और परावर्तित प्रकाश का विश्लेषण कर दूरी को मापता है।

• एक लिडार उपकरण में मुख्यत: एक लेजर, एक स्कैनर (पर्दा) और एक विशेष जीपीएस रिसीवर (प्राप्तकर्ता व्यक्ति) सम्मिलित होता है।

• लिडार सक्रिय संवदेन तंत्र के साथ उच्च स्तरीय सतही/स्थलाकृतिक संबंधी सटीक वैज्ञानिक डाटा (आंकड़ा) है तथा यह खुद के ऊर्जा स्रोत का इस्तेमाल करता है, प्राकृतिक रूप से परावर्तित नहीं होता है व प्राकृतिक विकिरण नहीं छोड़ता है।

• यह विधा किसी भूभाग की जानकारी के प्रत्यक्ष संग्रहण की अनुमति देता हैं।

अनुप्रयोग

• लिडार प्रौद्योगिकी का उपयोग काफी फायदेमंद है और यह कम समय में डिजिटल (अँगुली संबंधित) रूप में गुणवत्तायुक्त डेटा प्रदान करता है। इस डेटा का इस्तेमाल सड़कों, नहरों, भूतल परिवहन, नगर नियोजन, भूस्खलन, सिंचाई आदि से संबंधित कई परियोजनाओं में किया जा सकता है।

• इस प्रणाली को इंजीनिरिंग डिजाइन (अभियंता, रूपरेखा), संरक्षण, फ्लडप्लेन मानचित्रण, सतह सुविधा निकासी (पेड़ो, झाड़ियों, सड़कों और इमारतों) और वनस्पति मानचित्रण (ऊंचाई और घनत्व) के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।