Major Science and Technology Developments – Part 7

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भारतीय नौसेना की स्वदेशीकरण योजना 2015-2030 (Indian Navy's Indigenous Plan 2015-2030 – Science and Technology)

§ यह योजना रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय उद्योगों के माध्यम से 10 वर्ष की अवधि में उपकरण और प्रणालियों को विकसित करने में सक्षम होने का लक्ष्य रखती है।

§ इस योजना के अनुसार, युद्धपोत निर्माण से लेकर अस्त्रों हेतु प्रणालियों तक, सभी अवस्थाओं में नौसेना पूर्ण स्वदेशीकरण प्राप्त कर लेगी।

§ नौसेना इस पहल में निजी उद्योगों को बढ़े भागीदार के रूप में सम्मिलित करना चाहती है।

§ वर्तमान स्थिति: एक युद्धपोत को मोटे तौर पर तीन खंडो में विभाजित कर सकते हैं- फ्लोट, मूव और फाइट (प्रगतिशील व लड़ाई)। फ्लोट श्रेणी-90 प्रतिशत स्वदेशीकरण, मूव (प्रणोदन) श्रेणी- 60 प्रतिशत स्वदेशीकरण, फाइट (अस्त्र) श्रेणी-30 प्रतिशत स्वदेशीकरण।

आईएनएस अस्त्रधारिणी (INS Astradharani – Science and Technology)

§ यह पूर्णत: भारत में ही डिजाइन (रूपरेखा) और निर्मित पहला टॉरपैडो लांच और रिकवरी (शुरू व पुन: प्राप्ति वसूली) पोत है।

§ यह पोत 15 समुद्री मील की अधिकतम रफ्त़ार को प्राप्त कर सकता है।

§ यह खुले सागर में काम करने में सक्षम और यात्री परिवहन के लिए भी उपयुक्त है।

§ यह अस्त्रवाहिनी पोत का उन्नत संस्करण है।