Major Science and Technology Developments – Part 8

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केप्लर-62 एफ (Kepler - 62F Science and Technology)

• यह एक ग्रह है जो पृथ्वी से 1,200 प्रकाश वर्ष दूर है और इस ग्रह की सतह पर तरल जल की उपस्थिति एक रहने योग्य दुनिया के लिए एक अच्छी संभावना दर्शाती है।

• केप्लर-62एफ, जो वीणा (एलवायआरए) तारामंडल की दिशा में है, goldilock क्षेत्र में अवस्थित है।

• यह एक तारे के चारों ओर चक्कर लगाने वाले 5 ग्रहों में सबसे बाहर की ओर स्थित ग्रह है। यह तारा हमारे सूर्य से ठंडा है और आकार में भी छोटा है।

• इस ग्रह पर कई ऐसे वायुमंडलीय संघटन हैं जो इसे पर्याप्त गर्म रखते हैं ताकि यहाँ सतही तरल जल की उपस्थिति बनी रह सके।

• इसके अलावा ग्रह को तरल धारण करने तथा इसकी सतह पर जीवन की दशाओं के लिए आवश्यक ऊष्णता की जानकारी प्राप्त करने के लिए सीओ2 की अलग-अलग मात्रा के सिमुलेशन के माध्यम से अनुसंधान किया जा रहा है।

लापान ए2/ओरारी (Lapan A2/Orari – Science and Technology)

यह भारत दव्ारा प्रक्षेपित इण्डोनेशियाई कृत्रिम उपग्रह है। इसे भारत के एस्ट्रोसैट के साथ ही ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान, पीएसएलवी सी30 दव्ारा प्रक्षेपित किया गया हैं।

कार्य एवं विशेषताएँ

• यह बहुवर्णक्रमीय सुदूर संवदेन उपग्रह हैं।

• यह भूमि-उपयोग, प्राकृतिक संसाधानों की खोज तथा आपदा का सामना करने में सहायक होगा। इसके माध्यम से जहाजों के आवागमन पर निगरानी, समुद्री संसाधनों की खोज तथा मत्स्यन जैसी गतिविधियों को कुशलतापूर्वक संपन्न किया जा सकेगा।

• यह भारत दव्ारा वर्ष 2007 में प्रक्षेपित किये गए लापान ए-1 का ही अगला संस्करण है।