राष्ट्र और राष्ट्रवाद (Nation and Nationalism – Social Issues)

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सुर्खियों में क्यों?

• हाल ही में हुए जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय विवाद ने राष्ट्रवाद पर बहस को आगे ला दिया है।

• यह बहस अफजल गुरु (एक आतंकवादी) की फांसी की बरसी मनाने के लिए जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में कुछ छात्रों दव्ारा ”भारत-विरोधी” नारेबाजी से शुरू हुई।

राष्ट्र और राष्ट्रवाद में अंतर?

• ”राष्ट्र -राज्य” और ”राष्ट्रवाद” की अवधारणा एक अपेक्षाकृत आधुनिक घटना है जो कि 17वीं सदी यूरोप के वेस्टफेलिया की संधि से शुरू हुई।

• इतिहास से पता चलता ”राष्ट्र -राज्य” एक प्राकृतिक इकाई नहीं, बल्कि एक कृत्रिम अवधारणा है जिसे राष्ट्र -राज्यों की संप्रभुता की पहचान करने के लिए बनाया गया है।

• राष्ट्र एक मानसिक रचना है जो भ्रातृतत्व की भावना में परिलक्षित होती है। राज्य एक राजनीतिक रचना है, जिसके चार तत्व होते हैं क्षेत्र, जनसंख्या, सरकार और संप्रभुता।

• एक राष्ट्र और दो राज्य हो सकते हैं जैसे-कोरिया, या एक राज्य और दो राष्ट्र हो सकते है जैसे-श्रीलंका, या एक राज्य और एक राष्ट्र जैसे-जापान, या एक राज्य और कई राष्ट्र जैसे-भारत।