पुनर्वास योजना का पुनर्गठन (Rehabilitation of the restructuring plan Social Issues)

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• मानव तस्करी, भिक्षावृत्ति या किसी भी प्रकार के बलात श्रम में फंसे बच्चाेें, ट्रांसजेंडर और अन्य लोगों को मुक्त कराने के लिए केंद्र सरकार ने सहायता राशि को 20,000 रूपए से बढ़ाकर 3 लाख रूपए करते हुए मुक्त कराए गए बंधुआ श्रमिकों के लिए पुनर्वास योजना मेें बड़े सुधार का प्रस्ताव किया है।

• इसके साथ ही, त्रिस्तरीय पुनर्वास वित्त पोषण योजना आरंभ करने के लिए सरकार ने इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया है।

• इस योजना के अंतर्गत मुक्त कराए गए ट्रांसजेंडर या दिव्यांग व्यक्ति को 3 लाख रूपए, महिलाओं या बच्चों को 2 लाख रूपए और व्यस्क पुरुषों को 1 लाख रूपए मिलेंगे।

• धन का सतत प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए, नियम मासिक जमा के रूप में मुक्त कराए गए व्यक्तियों के बैंक खातों में पुनर्वास राशि का एक बड़ा भाग जमा किया जाएगा।

• नई प्रणाली के अंतर्गत कलेक्टर (जिलाधीश) मुक्त कराए गए मजदूरों पर दृष्टि रखने में सक्षम होंगे क्योंकि उन्हें प्रत्येक महीने पैसे की जमा पर्ची पर हस्ताक्षर करना होगा।

बंधुआ मजदूरी व्यवस्था (उन्मूलन) अधिनियम, 1976

• वर्तमान में, कार्यकारी मजिस्ट्रेट बंधुआ श्रमिकों को मुक्त करने और बंधुआ मजदूरी व्यवस्था (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के अंतर्गत मुक्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए तथा उक्त अपराधों की अविलंब सुनवाई का संचालन करने के लिए सक्षम प्राधिकारी हैं।

• इस अधिनियम के अंतर्गत 3 वर्ष की अवधि तक के लिए कारावास और 2000 रुपये तक का जुर्माना सम्मिलित है।