भारत में सड़क सुरक्षा (Road Safety In India – Social Issues)

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केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने अपनी आधिकारिक रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2015 में भारत में सड़क दुर्घटनाओं में 1.46 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई।

रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु

• 2015 में सड़क दुर्घटना में होने वाली मृत्यु की संख्या 2014 से 5 प्रतिशत अधिक थी।

• 2015 में दुर्घटना मृत्यु में एक बड़ी संख्या 15 से 34 वर्ष के आयुवर्ग से थी।

• तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, केरल तथा उ. प्र. सहित तेरह राज्यों में दुर्घटना मृत्यु की घटनाएं अधिक हुई।

• मुंबई में सर्वाधिक दुर्घटनाएं (23,408) हुई जबकि दिल्ली में सबसे ज्यादा दुर्घटना मृत्यु हुई (1622)।

• लगभग 77 प्रतिशत मामलों में चालक की भूल से ये दुर्घटनाएं हुईं। जिसका मुख्य कारण तेज गति से वाहन चलाना था।

मंत्री समूह (जीओएम) अनुशंसायें

इस मुद्दे को लेकर मंत्रीसमूह का गठन किया गया, जिसने सड़क सुरक्षा को लेकर 34 अनुशंसाएँ की हैं।

• ’राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा व यातायात प्रबंधन बोर्ड’ (परिषद) के गठन की अनुशंसा की गई, जो कि सरकार को सड़क सुरक्षा मानकों तथा नियमों से अवगत कराएगा।

• ग्रामीण परिवहन तंत्र को सुदृढ़ बनाया जाए, तथा इसके लिए केंद्र सरकार एक योजना की घोषणा करे।

• लक्जरी तथा सेमी लक्जरी वर्ग में नए परिवहन: साधनों पर केंद्र सरकार 50 प्रतिशत वित्त उपलब्ध कराए (शेष राशि राज्यों दव्ारा उपलब्ध करायी जाये)।

• राज्य परिवहन सेवाओं पर कर हटाने तथा लक्जरी परिवहन के सार्वजनिक साधनों पर सरकारी नियमन में छूट प्रदान करने से निजी साधनों से यात्रा के स्थान पर सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

• पहाड़ी राज्यों के लिए एक अलग नीति बनाई जाए तथा दुर्घटना बीमा का दायरा बढ़ाया जाए

• दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए तथा ट्रॉमा (सदमा/चोट) केयर (देखभाल) सुविधाओं को बढ़ाने के लिए एक विस्तृत योजना का निर्माण किया जाए।

• अंतर्नगरीय टैक्सी (किराये की मोटर) सेवा तथा अन्य ऑटोमोबाइल (मोटर कार) नीतियों को सुधारा जाए तथा उदारीकृत किया जाए। पार्किंग सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाए।

• कम लागत वाली कनेक्टिविटी प्रणाली तथा मालवाहन के लिए अवरोध मुक्त प्रणाली का प्रसार किया जाए।

सड़क सुरक्षा का महत्व

• ’ब्राजीलिया घोषणापत्र’ पर हस्ताक्षर करने के कारण भारत वर्ष 2020 तक सड़क दुर्घटना तथा उसमें होने वाले नुकसान को 50 प्रतिशत कम करने के लिए कृत संकल्प है।

• सड़क परिवहन भारत की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

• भारत के सकल घरेलू उत्पाद में इसका हिस्सा लगभग 4.5 प्रतिशत है।