स्वच्छ सर्वेक्षण (Transparent Survey – Social Issues)

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सुर्खियों में क्यों?

• स्वच्छ भारत मिशन के आकलन के लिए, शहरी विकास मंत्रालय ने ”सवच्छ सर्वेक्षण” मिशन के अंतर्गत 75 शहरों के अध्ययन के आधार पर उनकी रैकिंग निर्धारित करने का फैसला किया है।

• मिशन को क्रियान्वित करने का कार्य ’भारतीय गुणवत्ता परिषद’ को सौंपा गया है।

• इसके अंतगर्त सभी राज्यों की राजधानियों और 53 शहरों को कवर किया जाएगा।

मूल्यांकन के लिए मापदंड

• स्वच्छता और सफाई के निम्नलिखित छ: मापीनीय पहलुओं के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा-

• खुले में शौच मुक्त शहर और एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए रणनीति।

• सूचना, शिक्षा और संचार व्यवहार में परिवर्तन लाने वाली संचार गतिविधि।

• साफ़-सफाई, प्रत्येक दरवाजे से अपशिष्ट संग्रहण तथा अपशिष्ट को उपयुक्त स्थल तक पहुचाने वाली परिवहन व्यवस्था (ठोस अपशिष्ट)

• ठोस कचरे का प्रसंस्करण और निपटान।

• सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों की व्यवस्था।

• प्रत्येक गृहस्थ के लिए अलग-अलग शौचलयों का निर्माण।

रैकिंग की गणना

• 75 शहरों के प्रयासों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए कुल 2000 अंको में से निम्न प्रकार से अंक प्रदान किये जाएंगे-

• 60 प्रतिशत अंक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित मापदंडों के लिए प्रदान किये जायेंगे।

• शौचालयों के निर्माण के लिए 30 फीसदी अंक प्रदान किये जायेंगे।

• 5 फीसदी अंक शहर स्वच्छता रणनीति और व्यवहार में बदलाव लाने वाली संवाद प्रक्रिया के लिए दिए जायेंगे।

• उपर्युक्त मानकों के आधार पर मैसूर को देश के सर्वाधिक स्वच्छ शहर के रूप में उभर कर सामने आया है। इसके बाद चंडीगढ़ और तिरूचि का स्थान है।

• सर्वेक्षण किये गए इन 75 शहरों में से 32 शहरों ने पिछले सर्वेक्षण की तुलना में अपनी रैंकिंग में सुधार की है। इनमें से 17 शहर उत्तर भारत के हैं।

भारतीय गुणवत्ता परिषद

• भारतीय गुणवत्ता परिषद को 1997 में भारत सरकार दव्ारा एक स्वायत्त निकाय के रूप में भारतीय उद्योग के साथ संयुक्त रूप से स्थापित किया गया था।

• इसका उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और गुणवत्ता संवर्धन के क्षेत्र में अनुरूपता मूल्यांकन निकायों और मान्यता प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन संरचना की स्थापना और प्रचालन करना था।

• यह गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (आई एस ओ 14001 सिरिज) तथा खाद्य प्रबंधन प्रणाली से संबंधित मानकों को बढ़ावा देने तथा उत्पादों के प्रमाणन और निरीक्षण को प्रोत्साहित करती है।

• इसे राष्ट्रीय गुणवत्ता अभियान की निगरानी और इसे संचालित करने का दायित्व सौपा गया है। साथ ही इसे राष्ट्रीय सूचना और पूछताछ प्रणाली से संबंधित सेवाओं को संभालने का भी दायित्व प्रदान किया गया है।