स्वच्छ भारत मिशन (किसी खास कार्य के विदेश में भेजा गया शिष्टमंडल) Transparent India Mission (Delegations were sent abroad to a particular task) –Social Issues

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• राजघाट, नई दिल्ली में 2 अक्टूबर 2014 को प्रारंभ।

• यह एक व्यापक मिशन है जिसमें 2019, महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती तक भारत को स्वच्छ बनाने को लक्ष्य है।

• यह मिशन 4041 वैधानिक कस्बों और ग्रामीणों भारत को शामिल करता है।

स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य

• खुले में शौच के उन्मूलन।

• सूखे शौचालयों का रूपांतरण फ्लश शौचालय में करना।

• मैला ढोने की परंपरा का उन्मूलन।

• नगरपालिका ठोस कचरे का 100 प्रतिशत संग्रह और प्रसंस्करण/निपटान/पुन: प्रयोग//पुनर्चंक्रण।

• स्वस्थ्य स्वच्छता प्रथाओं के बारे में लोगों के व्यवहार में एक परिवर्तन।

• साफ-सफाई और इसके सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ संबंध के बारे में नागरिकों के बीच जागरूकता का सृजन करना।

• शहरी स्थानीय निकायों दव्ारा अपशिष्ट प्रणाली के रूपरेखा, क्रियान्वयन करने और प्रचालन में सहयोग करना।

• पूंजीगत व्यय और स्वच्छता सुविधाओं के संचालन और रखरखाव के खर्च में निजी क्षेत्र की भागीदारी सुविधा बढ़ाना।

स्वच्छता के उद्देश्य से शुरू हुए इससे पहले के अभियान

केंद्रीय ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए और महिलाओं के लिए निजता और गरिमा भी प्रदान करने के लिए 1986 में शुरू किया।

पूर्ण स्वच्छता अभियान (टीएससी)- 1999 में शुरू इस कार्यक्रम में, साफ-सफाई की अवधारणा में व्यक्तिगत स्वच्छता, गृह स्वच्छता, सुरक्षित पानी, कचरा निपटान, मलमूत्र निपटान और अपशिष्ट जल निपटान शामिल कर विस्तृत किया गया था।

निर्मल भारत अभियान (एनजीपी)- की सफलता से उत्साहित होकर टीएससी को 2012 में निर्मल भारत अभियान (एनबीए) नाम दिया गया था। 2 अक्टूबर 2014 को यह अभियान स्वच्छ भारत अभियायन (ग्रामीण) के रूप में शुरू किया गया।

कार्यक्रम के अवयव

• शहरी क्षेत्रों के लिए स्वच्छ भारत मिशन

• स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)

• राष्ट्रीय स्वच्छता कोश

स्वच्छ भारत के लिए कुछ पहल

स्वच्छ भारत के लिए शहरों को रेटिंग (गुणवत्ता आदि के अनुसार विभाजन) किया जाना है।

• शहरी विकास मंत्रालय ने 75 प्रमुख शहरों और राज्यों की राजधानियों की रेटिंग करने के लिए स्वच्छता परिदृश्य का एक सर्वेक्षण स्वीकृत किया गया है।

• सर्वेक्षण मानकों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर अधिक ध्यान देने के साथ स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों के साथ श्रेणीबद्ध किया गया है।

• ऐसा माना जाता है कि ख़राब ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है।

सर्वेक्षण

• प्रस्तावित सर्वेक्षण और रेटिंग्स इस वर्ष जनवरी में पूरी हुई

• यह पहल स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख शहरों और राज्यों की राजधानियों के बीच प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य शुरू किया गया है।

सम्मिलित मानक

• अपशिष्ट प्रबंधन को 60 प्रतिशत भार दिया जाएगा।

• घर में व्यक्तिगत शौचालय और सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालय के उपयोग की उपलब्धता

• शहर स्तर की स्वच्छता योजना और

• सूूचना, शिक्षा और व्यवहार बदलने वाली गतिविधियां।

मिशन के समर्थन के लिए नयी टैरिफ (दर सूची) नीति

• नयी टैरिफ नीति के अनुसार सरकार दव्ारा शहर के 100 किमी की परिधि में आने वाले बिजली घरों को प्रसंस्कृत अपशिष्ट का उपयोग करना और आस-पास के क्षेत्रों के लिए पीने के उद्देश्य से साफ़ पानी छोड़ना अनिवार्य बना दिया है।

• स्थानीय बिजली वितरण जनसमूहों के लिए कचरे से उत्पन्न बिजली खरीदना अनिवार्य होगा।

• इन उपयों से स्वच्छ भारत अभियान को बल मिलेगा।