भारत में जनसंख्या पर यू एन विवरण (U N Details On The Population In India – Social Issues)

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• संयुक्त राष्ट्र की संशोधित विश्व जसंख्या संभावना रिपोर्ट 2015 के अनुसार, भारत 2022 तक चीन को पीछे छोड़ते हुए विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश बनने की राह पर अग्रसर है। रिपोर्ट के पूर्ववर्ती संस्करण में कहा गया था कि जनसंख्या के दृष्टिकोण से भारत वर्ष 2027 तक चीन से आगे निकल जाएगा।

• ये अनुमान 2015 और 2050 के बीच भारत की जनसंख्या वृद्धि में उल्लेखीय तेजी की भविष्यवाणी करते हैं जबकि चीन के बारे में उसकी जनसंख्या वृद्धि के एक समान रहने का अनुमान लगाया गया है, और बाद में उसमें गिरावट का अनुमान है।

• भारत की जनसंख्या के 2030 तक 1.5 बिलियन और 2050 तक इसके तीव्र गति से बढ़ते हुए 1.7 बिलियन होने का अनुमान है।

• देश की जनसंख्या, इसकी प्रजनन दर में गिरावट के बावजूद मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में ज्यादातर युवा लेकिन निर्धन जनसंख्या के कारण बढ़ेगी।

• आने वाले दशकों में भारत के अपेक्षाकृत युवा देश बने रहने की आशा है। 2015 में इसकी माध्य उम्र 26.6 वर्ष है और यह बढ़कर 2030 तक 31.2 वर्ष, 2050 तक 37.3 वर्ष और 2100 तक 47 वर्ष हो जाएगी।

• जनसंख्या दबाव का अर्थ यह है कि देश को तनाव से निपटने की तैयारी करनी है, साथ ही भारत के ”जनांकिकीय लाभांश” का फायदा उठाने की तैयारी करनी है, जिसका आशय देश की जनसंख्या में वृद्धों की अपेक्षा युवा एवं नियोजनशील व्यक्तियों की अधिक जनसंख्या के सकारात्मक परिदृश्य से है।