व्यापार सुविधा और व्यापार प्रवर्तन अधिनियम 2015 (Business Facilitation and Trade Promotion Act 2015 – Economy)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

फ़रवरी 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्यापार सुविधा और व्यापार प्रवर्तन अधिनियम पर हस्ताक्षर किए जो बौद्धिक संपदा अधिकार के मुद्दों से संबंधित महत्वपूर्ण उपायों को लागू करेगा।

पृष्ठभूमि

• संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि यूएसटीआर, बौद्धिक संपदा नीति सहित अमेरिकी व्यापार नीति के प्रवर्तन की देखरेख करते हैं। यूएसटीआर वार्षिक तौर पर स्पेशल (खास) 301 सूची जारी करता है। यह देशों को उनके बौद्धिक संपदा अधिकार नियमों के आधार पर निम्नलिखित श्रेणियों में बांटता है:-

• प्रायोरिटी (प्रधानता) फॉरेन (विदेशी) कंट्री (देश) (पीएफसी) - सबसे गंभीर उल्लंघन करने वाले

• प्रायोरिटी वाच (निगरानी) लिस्ट (सूची) (पीडब्ल्यूएल) -गंभीर उल्लंघन करने वाले

• वाच लिस्ट (डब्ल्यूएल) -कम उल्लंघन करने वाले

• भारत को पिछले 2 वर्षों से पीडब्ल्यूएल देशों की श्रेणी में रखा गया है।

अधिनियम के वे मुख्य प्रावधान जो भारत को प्रभावित कर सकते हैं

§ इस अधिनियम के अनुसार, यूएसटीआर को पीडब्ल्यूएल में शामिल देशों के संदर्भ मेंं एक बेंचमार्क (मानदंड) के साथ एकतरफा कार्य योजना विकसित करना होता है।

§ इस बेंचमार्क को पालन करने से मना करने वाले देशों पर व्यापार प्रतिबंध लगाये जा सकते हैं।

§ इसने यूएसटीआर कार्यालय के अंतर्गत “मुख्य नवाचार और बौद्धिक संपदा वार्ताकार” नामक एक नया पद सृजित किया है, जो अमेरिका के नवाचारों और बौद्धिक संपदा के हितों की रक्षा करेगा।

§ इसने अमेरिका के लिए उचित और न्यायसंगत बाजार पहुंच सुनिश्चित करने व अन्य देशों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए एक अलग कोष की भी स्थापना की है।

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