स्टार्ट अप को धन समर्थन देने के लिए कोषों के कोष की स्थापना (Establishment of Funds Funding to Give Money to Startup – Economy)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने “स्टार्ट अप के लिए कोषों के कोष” (एफएफएस) की स्थापना को मंजूरी है, यह औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग की एक पहल हैं।

• स्टार्टअप इंडिया (भारत) योजना और कोष उपलब्धता की शर्त के साथ 14वें और 15वें वित्त आयोग के काल में दस हजार करोड़ रुपए का एफएफएस कॉर्पस (ताँबा) बनाया जाएगा।

• दिन-प्रतिदिन के कार्यो का प्रबंधन करने के लिए भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) की विशेषज्ञता को उपयोग में लाया जाएगा।

• समयसीमा और लक्ष्यों के अनुसार कार्य निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए प्रदर्शन की निगरानी और समीक्षा को स्टार्ट अप इंडिया कार्य योजना के कार्यान्वयन से जोड़ा जाएगा।

महत्व

• 10,000 करोड़ रुपये की एक एफएफएस कॉर्पस वस्तुत: 60,000 करोड़ रुपये के इक्किटी निवेश और दुगुने ऋण निवेश को उत्प्रेरित करने के लिए संभावित केंद्र हो सकता हैं।

• यह स्टार्टअप उद्यमों के लिए फंडिंग (ऋण प्रदान करना) का एक स्थिर और उम्मीद के मुताबिक स्रोत प्रदान करेगा और इस तरह बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा।

• नवाचार संचालित उद्यमिता तथा स्टार्ट-अप के माध्यम से व्यापार निर्माण में तेज़ी वस्तुत: बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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