कर सूचनाओं के आदान-प्रदान पर भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका समझौता (India And United States Settlement on Exchanges of Tax Information – Economy)

Glide to success with Doorsteptutor material for UGC : Get detailed illustrated notes covering entire syllabus: point-by-point for high retention.

Download PDF of This Page (Size: 115K)

• भारत तथा संयुक्त राज्य अमेरिका ने विदेशी खाता कर अनुपालन अधिनियम (एफएटीसीए) को लागू करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है जिससे 30 सितंबर से दोनों देशों के बीच कर संबंधी सूचनाओं का स्वत: आदान-प्रदान की अनुमति प्रदान करेगा।

• यह समझौता दोनों देशों के लिए अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में एक-दूसरे के नागरिकों के विदेशी खाते से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान को अनिवार्य बनाता है।

• एफएटीसीए के अंतर्गत, संयुक्त राज्य अमेरिका स्थित विदेशी वित्तीय संस्थाओं को भारतीय खाताधारकों से संबंधित सूचना संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार के आतंरिक राजस्व सेवा विभाग (आईआरएस) को सौंपना होगा जिसके दव्ारा सूचनाएं भारत सरकार को प्रदान की जाएंगी।

• भारतीय सरकार समान सूचनाएं आईआरएस को प्रदान करेगी। उदाहरण के लिए, भारतीय स्टेट (राज्य) बैंक (अधिकोष) किसी अमेरिकी नागरिक या किसी एनआरआई दव्ारा निवेश संबंधी किसी भी सूचना को नियमित रूप से भारतीय राजस्व अधिकारियों को सौंपेगा। तत्पश्चात्‌, भारत सरकार उस सूचना को आईआरएस को सौंप देगी।

• इस समझौते का अनुपालन नहीं करने वाली वैसी वित्तीय संस्थाएं जैसे-बैंक, मध्यस्थ संस्थाएं या म्यूचुअल (आपसी) फंड (धन) आदि को अमेरिका से होने वाली प्रत्येक भुगतान पर 30 प्रतिशत विथ (मिलाकर) () होल्डिंग (जागीर) कर के रूप में चुकाना होगा।

Developed by: