एकीकृत भुगतान इंटरफेस (सीमा रेखा) परियोजना (Integrated Payment Interface Project-Economy)

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• भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम और सॉफ्टवेयर (परिकलक दव्ारा प्रयुक्त कार्यक्रम और अन्य परिचालन संबंधी जानकारी) थिंक (सोच-विचार) टैंक (पात्र) आईएसस्प्रीट, एक नए एकीकृत भुगतान इंटरफेस (सीमा रेखा) के तकनीकी लोकार्पण के लिए तैयार हैं। इससे एक मोबाइल (चलनशील) फोन (दूरभाष) का उपयोग कर पीपल टू पीपल (लोग ओर लोग) (पी2पी) लेनदेन किसी भी बैंक (अधिकोष) खाते से अन्य बैंक खाते में हो सकेगा।

• यह अंतर-प्रचालित मोबाइल भुगतान प्रणाली लोगों के बीच भुगतान में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।

• अंतत: यह बिना किसी बैंक खाते के उपयोग के, एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल पर भुगतान को सक्षम बनाएगा और अगर लोग उनके खुद के बैंक खाते का विवरण साझा न करना चाहे तो उनके आधार संख्या या वर्चुअल एड्रेस (आभासी पता) के आधार पर भुगतान किया जा सकेगा।

• बैंक पिछले पांच साल से इलेक्ट्रॉनिक (विद्युतीय) फंड (धन) ट्रांसफर (स्थान बदलना) के लिए तत्काल भुगतान सेवा का उपयोग कर रहे हैं, अत: एकीकृत भुगतान इंटरफेस तत्काल भुगतान सेवा के मामले में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। यह मोबाइल एप के माध्यम से अंतर बैंक संपर्क की सहज अनुमति देता है जिसका इस्तेमाल व्यापारियों को भुगतान करने के साथ-साथ ऑफ़लाइन आधार पर अन्य ’निकटता भुगतान’ करने के लिए किया जा सकता है।

• यह एक बहुत ही सरल आवेदन कार्यक्रम इंटरफेस (एपीआई) है जो प्रतिकर्ष और अपकर्ष दोनों भुगतान उपलब्ध कराएगा। हम आपस में पैसा एक दूसरे को भेज सकते हैं, पैसे का अनुरोध कर सकते हैं और कुछ खरीदने पर दुकानदार/व्यापारी हमसे पैसों का अनुरोध कर सकते हैं जिसे हम मोबाइल पर स्वीकार कर सकते हैं।

लाभ

• यह उस पुरानी प्रणाली से एक बड़ी छलांग है जिसमें पैसे के भुगतान के लिए विक्रेता को डेबिट/क्रेडिट कार्ड देना होता है तथा जिसमें सुरक्षा जोखिम भी शामिल होता है। इस नई प्रणाली में सब कुछ मोबाइल फोन के माध्यम से संभव है।

• कई नए मोबाइल (चलनशील) फोन (दूरभाषा) बॉयोमीट्रिक (शारीरिक चिन्हों जैसे अंगुली के निशानों अथवा आँखो की पुतलियों दव्ारा व्यक्ति विशेष की पहचान की पद्धति) आईरिस या फिंगरप्रिंट (अंगुलियों के निशान) स्कैनर (परीक्षण यंत्र) के साथ आते हैं इसलिए इन उपकरणों पर आधार कार्ड प्रमाणीकरण संभव है।

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