ऊर्जा क्षेत्र के लिए उदय योजना (Rise Scheme For Energy Sector – Economy)

Get unlimited access to the best preparation resource for IAS : Get detailed illustrated notes covering entire syllabus: point-by-point for high retention.

Download PDF of This Page (Size: 147K)

• सरकार ने ऊर्जा वितरक कंपनियों (साहचर्य) के वित्तीय हानि को कम करने के लिए उज्जवल डिस्काम इंश्योरेंस (बीमा) योजना उदय की घोषणा की।

• वर्तमान समय में भारत 270 गीगावाट ऊर्जा का उत्पादन कर रहा है, किन्तु वितरण कंपनियों (साहचर्य) पर कम मूल्य पर बिजली दिये जाने के दबाव के कारण इन कंपनियों ने ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने में असमर्थता जतायी है। जिस कारण भारत अपनी कुल संभावित उत्पादक क्षमता का आधा उत्पादन ही कर रहा है।

योजनागत प्रावधान

उदय, डिस्काम्स (अशांत कर देना) को अगले 2-3 वर्षो में निम्न चार प्रस्तावों/कदमों के माध्यम से विभिन्न अवसर

उपलब्ध कराएगा।

1. उर्जा वितरक कंपनी (साहचर्य) (डिस्काम्स) (अशांत कर देना) की परिचालन क्षमता में सुधार/वृद्धि।

2. ऊर्जा उत्पादन की लागत को कम करना।

3. उर्जा वितरक कंपनी (डिस्काम्स) के लिए ब्याज दरों में कमी करना।

4. राज्य दव्ारा प्रदान किए जाने वाले वित्तीय योगदान के संदर्भ में उर्जा कंपनियों के लिए शर्ते निर्धारित की जानी चाहिए ताकि वित्तीय ऊर्जा कंपनियों पर वित्तीय अनुशासन लागू किया जा सके। राज्य उर्जा वितरक कंपनी (डिस्काम्स) में एक उपयुक्त सीमा तक के स्वामित्व के लिए बाजार में या बैंको अथवा वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से बान्ड जारी करेंगे।

उर्जा वितरक कंपनी (डिस्काम्स) को ऋण राज्य दव्ारा न देकर बैंक या वित्तीय संस्थाओं दव्ारा दिया जाएगा जो बैंक दव्ारा निर्धारित बेस (मूल) रेट (कीमत) से अधिक नहीं होगा।

प्रभाव

• परिचालन क्षमता में सुधार-इससे औसत वित्तीय एवं वाणिज्यिक हानि को 22 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक लाया जा सकता है और वर्ष 2018-19 औसत पूंजी एवं उत्पादन की औसत लागत के बीच अंतर को कम किया जा सकता है।

• ऊर्जा उत्पादन की लागत कम होगी।

• राज्यों दव्ारा लगभग 75 प्रतिशत ऋण की व्यवस्था उर्जा वितरक कंपनी (डिस्काम्स) हेतु करना।

Developed by: