वायदा अनुबंधों को लेकर सेबी की चिंताएं (Sebi Concerns over Futures Contracts – Economy) for Competitive Exams

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फॉरवर्ड (आगे बढ़ना) और फ्यूचर (भविष्य) अनुबंध के बीच अंतर

• भारत में कमोडिटी (उपयोगी वस्तु) ट्रेडिंग (व्यापार) का विनियमन करने वाले वायदा अनुबंध (विनियमन) अधिनियम, 1952 के तहत, वायदा अनुबंध वस्तु की वास्तविक डिलीवरी (आपूर्तिकर्ता) का अनुबंध है। वहीं दूसरी ओर, फ्यूचर (भविष्य) अनुबंध वह होता है जिसमें क्रेता नकदी में भी अनुबंध का निपटारा कर सकता है।

• भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (मंडल) (सेबी) जिंस बाजार के नियमन का भी अधिग्रहण करने के लिए तैयार है। हालांकि, यह कमोडिटी एक्सचेंजों (विनिमय) में वायदा अनुबंध के साथ सहज नहीं है।

• सेबी की चिंता दो तथ्यों से उपजी हैं:

• फ्यूचर अनुबंधों के विपरीत, वायदा अनुबंधों का स्वरूप मानकों के अनुरूप नहीं है;

वायदा अनुबंधों में दूसरे पक्ष को जोखिम अधिक हैं।

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