स्टैंड अप इंडिया (भारत) योजना (Stand up India Scheme-Economy)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों के बीच उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए “स्टैंड अप इंडिया योजना” को मंजूरी दी है।

• वर्तमान समय में भारत में केवल 9 प्रतिशत स्टार्ट-अप ही महिलाओं दव्ारा संचालित किए जा रहे हैं।

स्टैंड अप इंडिया योजना की मुख्य विशेषताएं

• इस योजना का उद्देश्य बैंक की प्रत्येक शाखा के माध्यम से कम से कम ऐसी दो परियोजनाओं को सहज बनाना है, अर्थात प्रत्येक उद्यमशील वर्ग (अर्थात- अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिला) के लिए औसतन एक परियोजना।

• 10,000 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि के साथ भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के माध्यम से रिफाइनेंस विंडो (पुनर्वित्त खिड़की) की सुविधा।

• नेशनल (राष्ट्रीय) क्रेडिट (साख) गांरटी (भरोसा) ट्रस्टी (दान पुण्य) कंपनी (संघ) (एनसीजीटीसी) के माध्यम से एक क्रेडिट (साख) गांरटी (भरोसा) प्रणाली का सृजन।

• सरकार इस वर्ग के उद्यमियों को ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया में सहयोग देने के साथ ही उनके व्यवसाय के संचालन में भी सहायता देगी। इस प्रकार जहाँ ये उद्यमी वित्तीय आवश्यकताओं को पूर्ण करने संबंधी गतिविधियों के संचालन में समर्थ हो पाएंगे वहीं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (मंच) और ई-मार्केट (बाजार) स्थलों के साथ पंजीकरण तथा सर्वश्रेष्ठ प्रचालनों एवं समस्या समाधान पर सत्रों का आयोजन शामिल है।

• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिला कर्जदारों दोनों के लिए समर्थन मुहैया कराने पर फोकस (ध्यान) किया गया है।

• इस योजना को मंजूरी प्रदान करने का समग्र उद्देश्य आबादी के ऐसे सुविधाहीन क्षेत्रों तक ऋण की सुविधाएं प्रदान करने के लिए संस्थागत ऋण संरचना का लाभ उठाना है। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिला वर्ग के ऐसे कर्ज़दारों दव्ारा गैर कृषि क्षेत्र में स्थापित ग्रीनफील्ड (हरित क्षेत्र) उद्यमों के लिए 10 लाख से 100 लाख रुपये तक के ये बैंक ऋण 7 वर्ष की अवधि तक प्रतिदेय होंगे।

• इस योजना के तहत प्रदत्त ऋण पर्याप्त रूप से सुरक्षित और एक क्रेडिट गारंटी योजना के माध्यम से क्रेडिट गांरटी के तौर पर समर्थित होंगे, जिसके लिए वित्तीय सेवा विभाग मध्यस्थ और राष्ट्रीय क्रेडिट (साख) गांरटी (भरोसा) ट्रस्टी (दान-पुण्य) कंपनी (संघ) लिमिटेड (सीमित) ऑपरेटंग (काम करनेवाला) एजेंसी (प्रतिनिधि) होगी।

• स्टैंड अप इंडिया योजना को वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के दव्ारा समर्थन प्रदान किया गया है।

• इससे कम से कम 2.5 लाख कर्ज़दारों को लाभ पहुँचने की उम्मीद है।

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