वैश्विक निर्धनता पर विश्व बैंक (अधिकोष) की रिपोर्ट (विवरण) (World Bank Report On Global Poverty – Economy)

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हाल ही में, विश्व बैंक ने सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों पर वर्ष 2014-15 के लिए वैश्विक निगरानी रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के कुछ निष्कर्ष निम्नलिखित हैं-

• विश्व बैंक दव्ारा नवीन अनुमान यह प्रदर्शित करते हैं कि दुनिया में निर्धनता घटी है। अब 10 में से एक भी कम लोग चरम निर्धनता में निवास कर रह हैं।

• पिछले 25 वर्षो में 1.2 बिलियन से अधिक लोग वैश्विक निर्धनता रेखा से ऊपर उठे हैं। ऐसा मानव इतिहास में पहली बार हुआ है कि अफ्रीका के कुछ भागों को छोड़कर विश्व के अधिकतर भागों में सर्वाधिक बुरी निर्धनता नियंत्रण में दिखाई दे रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि विश्व में वर्ष 2030 तक चरम निर्धनता समाप्त हो जाएगी।

• वर्ष 1990 से चरम निर्धनता में तीव्र गिरावट सर्वाधिक स्पष्ट रूप से वैश्विक वृद्धि से जुड़ी है। यह वैश्विक वृद्धि अधिकतर अर्थव्यवस्थाओं के उदारीकरण के उपरांत हुई।

• स्पष्ट रूप से चीन की असाधारण आर्थिक सफलता वैश्विक निर्धनता में इतनी तीव्र गति से गिरावट आने का एक प्रमुख करण है। इससे पहले किसी भी देश ने इतनी कम समयावधि में इतने अधिक लोगों को निर्धनता से बाहर निकालने मेे सफलता प्राप्त नहीं की है।

भारतीय परिप्रेक्ष्य

• वर्ष 2008 और 2011 के बीच लगभग 140 मिलियन (दस लाख) लोगों को पूर्ण निर्धनता से बाहर निकालते हुए भारत निर्धनता कम करने में सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा है।

• यह उल्लेखनीय उपलब्धि भी पर्याप्त नहीं है। रिपोर्ट (विवरण) के अनुसार वर्ष 2011 में विश्व के चरम निर्धन लोगों में से 30 प्रतिशत लोग भारत के थे।

• श्रीलंका, नेपाल और यहाँ तक कि पाकिस्तान ने भी निर्धन लोगों की संख्या में कमी करने का बेहतर कार्य किया है।

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