भारत में पर्यावरणीय अपराध (Environmental Crimes in India – Environment and Economy)

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पर्यावरणीय अपराध क्या है?

राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड (प्रमाण) ब्यूरो (सरकारी विभाग) (एनसीआरबी) के अनुसार केवल निम्नलिखित पाँच कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन को पर्यावरणीय अपराध के अंतर्गत सम्मिलित किया गया है।

• वन अधिनियम, 1927;

• वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972;

• पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986;

• वायु (प्रदूषण नियंत्रण और संरक्षण) अधिनियम, 1981;

• जल (प्रदूषण नियंत्रण और संरक्षण) अधिनियम, 1974 (1988 में संशोधित)

भारत में पर्यावरणीय अपराधों की रिपोर्टंग (विवरण) में कमी के कारण

• एनसीआरबी के आंकड़े उन कानूनों के अपर्याप्त कवरेज (विस्तृत रूप से) से प्रभावित है जिनका उल्लंघन पर्यावरण के विरुद्ध एक अपराध माना जाता है।

• प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (मंडल) (पीसीबी) जो वायु और जल प्रदुषण से संबंधित मामलों को देखता है, के पास न प्रवर्तन अधिकारी है और न शिकायतों पर ध्यान देने की कोई क्रियाविधि है और न ही इसके पास पुलिसिंग संबंधी कार्य है। ये केवल परमिट (अनुमति) जारी करते हैं।

• पुलिस अधिकारी विभिन्न पर्यावरणीय अधिनियमों के अंतर्गत कानूनी प्रावधानों से प्राय: अनभिज्ञ होते हैं। इसलिए इससे जुड़े अपराधों को विभन्न पर्यावरणीय कानूनों के तहत रिकार्ड (प्रमाण) नहीं कर पाते हैं।

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