ग्लोबल (विश्वव्यापी) अपोलो प्रोग्राम (कार्यक्रम) (Global Apollo Program – Environment and Economy)

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• ग्लोबल अपोलो प्रोग्राम का लक्ष्य आने वाले दस वर्षो में पूरे विश्व में स्वच्छ विद्युत पर आने वाली लागत को कोयला आधारित पावर स्टेशनों (शक्ति स्थान) की तुलना में कम करना है।

• इस प्रोगाम (कार्यक्रम) में प्रतिवर्ष 15 बिलियन (दस अरब की संख्या) ब्रिटिश पौंड (कुछ देशों की सिक्का) खर्च किया जाएगा जिससे कि हरित ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण के अनुसंधान, विकास और प्रदर्शन में सहायता मिल सके। यह धनराशि अमेरिकी अपोलो प्रोग्राम दव्ारा चाँद पर अंतरिक्षयात्रियों को भेजने में खर्च हुए धन के वर्तमान मूल्य के बराबर है।

• भारत ने इस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए अपनी इच्छा जाहिर की है। खासकर, भारत और चीन (दोनों ही जीवाश्म ईंधन से संचालित होने वाली बड़ी अर्थव्यवसथाएं हैं) इस प्रोग्राम के केंद्र में रहेंगे।

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