स्न्नोफ्लेक (हिमपात का एक खंड) कोरल (मूंगा) (Snowflake Coral – Environment And Ecology)

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• स्न्नोफ्लेक कोरल मन्नार की खाड़ी, कच्छ की खाड़ी तथा अंडमान और निकोबार दव्ीप समुह में प्रवाल भित्ति कालोनियों के लिए एक गंभीर खतरा प्रस्तुत कर रहा है।

• यह क्षेत्र की समुद्री जैव विविधता में योगदान देने वाली प्रजातियों जैसे कि कोरल, स्पंज, शैवाल, आदि को बाहर कर समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को अस्थिर कर सकता है।

स्रोफ्लेक कोरल (मूंगा) क्या है?

• स्रोफ्लेक कोरल (Carijoa riisei), clavulariidae क्लावुलारीदे(पररियर की नरम मूंगो) वंश की सॉफ्ट (मुलायम) कोरल (मूंगा) की एक प्रजाति है।

• यह प्रजाति मूल रूप से उष्णकटिबंधीय पश्चिमी अटलांटिक महासागर में पायी जाती है और एक आक्रामक प्रजाति के रूप में अन्य क्षेत्रों में फैल गयी है।

• इसे पहली बार 1972 में हवाई दव्ीप की एक आक्रामक प्रजाति के रूप में सूचत किया गया था, तब से इसका प्रसार ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया और फिलीपींस तक हो चुका है।

• इसे आक्रामक माना जाता है क्योंकि यह अन्य समुद्री जीवों को उनके क्षेत्र से बाहर कर देती है और उस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ा लेती है।

• ये कोरल चट्टानों, पानी के भीतर की संरचनाओं जैसे कि जहाजों के अवशेष और खंभों, धात, कंक्रीट और यहां तक की प्लास्टिक से खुद को संलग्न कर निवास करने के लिए जाने जाते हैं।

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