जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अंतरिक्ष सहयोग (Space Collaboration to Combat Climate Change – Environment)

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• जीएचजी उत्सर्जन की निगरानी अंतरिक्ष उपग्रहों दव्ारा प्रभावी और सही ढंग से की जा सकती है।

• इसे ध्यान में रखते हुए अंतरिक्ष क्षेत्र में अग्रणी 60 देश मानव जीएचजी उत्सर्जन की निगरानी के लिए अपने पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों को संलग्न करने, उनकी कार्यपद्धतियों और आकंड़ों के समन्वय के लिए सहमत हो गए हैं।

• वे उपग्रहों से प्राप्त आंकड़ों को केंद्रीकृत करने के लिए ‘एक स्वतंत्र, अंतरराष्ट्रीय प्रणाली’ स्थापित करेंगे।

महत्व

• इससे जलवायु परिवर्तन पर संभवत: सबसे अच्छा और सबसे प्रामाणिक आंकड़ा प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

• पेरिस समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की दिशा में राष्ट्रों के प्रयासों को भी सत्यापित करने के लिए उपग्रहों का इस्तेमाल किया जाएगा।

• अब इन उपग्रहों आंकड़ों का अंतर-संयोजन करना एक प्रमुख लक्ष्य होगा जिससे कि समय के साथ इन्हें संयुक्त की जा सके और उनके बीच तुलना की जा सके।

• यह निर्णय नई दिल्ली में हुई एक बैठक में लिया गया, जिसका आह्वान इसरों और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी सेंटर नेशनल (कार्यस्थान केंद्र राष्ट्रीय) (सीएनईएस) के आमंत्रण पर किया गया था।

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