भारतीय मानक ब्यूरो (सरकारी विभाग) विधेयक 2015 (Bureau of Indian Standards 2015 – Law)

Doorsteptutor material for IAS is prepared by world's top subject experts: Get detailed illustrated notes covering entire syllabus: point-by-point for high retention.

Download PDF of This Page (Size: 123K)

• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक नया भारतीय मानक ब्यूरो विधेयक, 2015 पेश करने के लिए अपनी स्वीकृति दे दी है। प्रस्तावित कानून के मुख्य उद्देश्य हैं:

• भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) को भारत के राष्ट्रीय मानक निकाय के रूप् में स्थापित करना।

• विधेयक में एक संचालन परिषद् के गठन का भी प्रावधान किया गया है, जो सपमनय अधीक्षण, निर्देशन और ब्यूरो के प्रबंधन की देखरेख के लिए जिम्मेदार होगा।

• मानकीकरण व्यवस्था के अंतर्गत वस्तुओं और प्रक्रियाओं के अलावा माल, सेवाओं और प्रणालियों को सम्मिलित करना।

• कुछ निश्चित वस्तुओं, सामग्रियों अथवा सेवाओं को, जिन्हें स्वास्थ्य, सुरक्षांं, र्प्यावरण, जालसाजी की रोकथाम की दृष्टि से सरकार आवश्यक समझती है, एक अनिवार्य प्रमाणन व्यवस्था के तहत लाने के लिए सरकार को सक्षम बनाना। यह उपभोक्ताओं को आईएसआई प्रमाणित उत्पादों को प्राप्त करने में मदद करेगा साथ ही इससे घटिया उत्पादों के आयात को रोकने में भी सहायता मिलेगी।

• किसी भी मानके अनुपालन में अनुरूपता की स्वघोषणा सहित ऐसी ही कई प्रकार की सरलीकृत अनुरूपता मूल्यांकन योजनाओं को अनुमति प्रदान करना जो विनिर्माताओं को मानकों संगत होने एवं अनुरूपता का प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए अनेक सरलीकृत विकल्प प्रदान करेंगे। इस प्रकार इज ऑफ़ डूइंग बिज़नस में भी सुधार होगा।

• केन्द्र सरकार को, भारतीय मानक ब्यूरो के अतिरिक्त, मानक के प्रति उत्पादों एवं सेवाओं की अनुरूपता की पुष्टि एवं इसका प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए किसी भी अधिकारी को नियुक्त करने में सक्षम बनाना।

• मूल्यवान धातु वाली वस्तुओं की अनिवार्य हॉलमार्किंग को लागू करने के लिए सरकार को सक्षम बनाना।

• बेहतर और प्रभावी अनुपालन के लिए दंडात्मक प्रावधानों को सशक्त करने और उल्लघंन के बाद समझौते की भी व्यवस्था करना।

• मानक चिह्न धारण करने वाले किन्तु फिर भी प्रासंगिक भारतीय मानकों पर खरा ना उतरने वाले उत्पादों की उत्पाद देयता सहित उन्हें बाज़ार से वापस लेना और

• बीआईएस अधिनियम, 1986 को समाप्त करना

Developed by: