Science and Technology: Applications of Robot in Non-Industrial Sectors

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रोबोटिक्स (Robotics)

रोबोट के अनुप्रयोग (Applications of Robot)

  • रोबोट उद्योग तथा अन्य क्षेत्रों में तीन मुख्य गुणों के कारण अधिक लोकप्रिय हुआ है। रोबोट थकता नहीं हैं, तथा बिना किसी रूकावट के सहजता से काम कर सकता है। रोबोट संवदेक जैसे मापक यंत्रों की मदद से रोबोट सही समान बना सकते हैं, जबकि आदमी अनुमान लगाता है, जिससे गलती की संभावना रहती है। रोबोट ईमानदारी के साथ आदेश का पालन करता है, जबकि आदमी कभी-कभी विरोध भी करता है और प्राय: प्रश्नों की बौछार लगा देता है।
  • उद्योगों में काम को मुख्य रूप से चार श्रेणियों में बाँटा जा सकता है। रोबोट इन सभी कार्यो में लाभदायक हो सकता है। रोबोट का वर्गीकरण उनके कार्यो के अनुरूप किया जा सकता है।
  • औद्योगिक संस्थानों में कई ऐसे काम हैं, जिसमें एक सामान को एक जगह से उठाकर दूसरी नियत जगह पर रखना होता है। मशीन में भार लादने या उससे उतारने, चट्‌टे लगाने, सामान ढोने जैसे कार्य किये जाते हैं, ऐसे रोबोट जो उपरोक्त कार्य में दक्ष हैं ‘पिक-एंड-प्लेस’ रोबोट के नाम से जाने जाते हैं।

वर्तमान समय में जापान और अमेरिका जैसे तकनीकी रूप से विकसित देशों में व्यावसायिक तथा औद्योगिक क्षेत्रों में रोबोट्‌स का प्रयोग 35 प्रतिशत प्रतिवर्ष के हिसाब से बढ़ रहा है। रोबोट के बढ़ते प्रयोग के कई कारण है-

  • उत्पादन शुल्क में कमी: रोबोट की देखरेख पर होने वाला व्यय मनुष्य पर आने वाले औसत व्यय से काफी कम होता है। अगर प्राप्त लाभ के दृष्टिगत देखें तो रोबोट पर सुरक्षा, क्षतिपूर्ति, छुट्‌टी, बीमारी भत्ता, दंत चिकित्सा, प्रसूति छुट्‌टी या सेवानिवृत्त अनुदान जैसे व्यय का भार वहन नहीं करना पड़ता है।
  • उत्पादकता में वृद्धि: ऐसे रोबोट बनाए जा सकते हैं, जो आदमी की तुलना में तेज काम करें। उदाहरणार्थ, एक रोबोट 75 से. मी प्रतिमिनट के हिसाब से वेल्डिंग करता है, जबकि आदमी यह कार्य 25से. मी. प्रतिमिनट के हिसाब से करता है। दो स्प्रे-पैटिंग करने वाले रोबोट एक कार की अंदर-बाहर से दोहरी रंगाई 90 सेकंड में कर लेते हैं और प्रतिदिन 20 घंटे के हिसाब से काम करते है। जबकि एक अच्छे से अच्छा स्प्रे-पेंटर इस काम में 15 से 20 मिनट का समय लेता है।
  • बेहतर उत्पादन गुणवत्ता: रोबोट अधिक परिशुद्धता से काम करता है। इसका दूसरा फायदा यह भी है कि यह जल्दी काम करता है। वेल्डिंग के ऐसे कई कार्य हैं जहां अगर तीव्रता से कार्य न किया जाए तो वस्तु वेल्डिंग के अधिक ताप में टेढ़ी-मेढ़ी हो जाती है। कठिन समझी जाने वाली वेल्डिंग क्रिया भी अब सही एवं नियंत्रित गति से की जा सकती है। ऐसा ही एक अन्य कार्य डाई कास्टिंग का भी है, जहाँ कास्टिंग की हरेक प्रक्रिया क्रमबद्धता से करनी पड़ती है।
  • प्रतिकूल परिस्थितियों में कार्य: मनुष्य के लिए जहाँ काम करना असुविधाजनक या खतरनाक है, रोबोट वहाँ काम कर सकता है। उदाहरणार्थ गर्म भट्‌िटयाँ में चीजों को डालना या उससे निकालना, विषाक्त रंगों में काम करना, हानिकारक विषाक्त भापों के बीच वेल्डिंग क्रिया, रेडियोधर्मी रसायनों का कार्य, गहरे खदानों में कार्य, समुद्र की अतल गहराइयों में कार्य, बाह्‌य वायुमंडल में कार्य, ध्रुव प्रदेशों में काम तथा अग्निशमन का कार्य।
  • उच्चस्तरीय प्रबंधन में उपयोगी: कम्प्यूटर नियंत्रित रोबोट पूर्व निर्धारित विधानों को बिल्कुल सही ढंग से पूरा करता है। कम्प्यूटर स्मृति में कार्यस्थल की समस्त प्रक्रिया तथा माल का हिसाब रखा जा सकता है। इन सुविधाओं के कारण प्रबंधक आराम से एक वातानुकूलित कमरे में बैठकर कम्प्यूटर स्मृति के दव्ारा चलते हुए समस्त कार्य पर निगरानी रख सकता है। तथा उसे एक कार्यस्थल में जाकर समय बर्बाद नहीं करना पड़ता है। इससे योजना के विधान, कार्यान्वयन तथा मॉनिटरिंग में सुधार आता है।
  • व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संरक्षण: चूँकि रोबोट निर्विरोध निर्देशों का पालन करता है, यह व्यावसायिक सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सुरक्षा के नियमों के लिए प्रतिबद्ध होता है। जबकि आदमी बहुधा सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संरक्षण की सावधानियों को नजरअंदाज कर देता है। उदाहरण के लिए बचाव हेलमेट न पहनना, बचाव ऐनक लगाना आदि।

गैर-औद्योगिक क्षेत्र में रोबोट के अनुप्रयोग (Applications of Robot in Non-Industrial Sectors)

  • कृषि कार्यो में: रोबोट दृष्टि तथा दूसरे संवेदकों के बल पर कई तरह से कृषि कार्यो में मदद करने की भी योग्ता रखते हैं खेती का कार्य, फल चुनना, आलू की खुदाई आदि।
  • रेडियोधर्मी पदार्थों संबंधी कार्य: नाभिकीय ऊर्जा में रेडियोधर्मी रसायनों के प्रबंधन की आवश्यकता होती है। रोबोट रेडियोधर्मी रसायनों का प्रबंधन कर सकता है। इस तरह आदमी को नाभिकीय ऊर्जा गृह में रेडियोधर्मी पदार्थों का इस्तेमाल करने जैसे जोखिम भरे कार्यों से छुटकारा मिल जाता है।
  • अग्निशमन: मनुष्य और उसके सामन को उठाने तथा स्थानांतरित करने, सीढ़ियों पर चढ़ने वाला रोबोट हमें आग लगने जैसी खतरनाक स्थितियों से बचा सकता है।
  • खदानो में कार्य: खदान में जमीन के धंसने का खतरा बना रहने के कारण, काम करना खतरनाक होता है। अत: खदान प्रक्रियाओं में रोबोट उपयोगी हो सकते हैं।
  • समुद्र तल में कार्य: धरातल का 70 प्रतिशत भाग जलमग्न है। समुद्र का अधिकतर भाग 2 से 6 किलोमीटर तक गहरा है। यांत्रिक भुजाओं तथा दृष्टि से युक्त रोबोट का समुद्र की गहराइयों में भेजकर गहरे समुद्र की खोज करने और बहुमूल्य वस्तुओं की खोज करने के काम में लगाया जा सकता है।
  • अंतरिक्ष खोज में: अंतरिक्ष में उड़ान तथा वहाँ अनुसंधान कार्यो में रोबोट का व्यापक उपयोग हो सकता है। आकाश में उड़ते हजारों मानव निर्मित आकाशीय पिंडो के रख-रखाव एवं उनमें आई खराबी को ठीक करने में रोबोट का बड़ा योगदान हो सकता है। रूस ने चांद पर एक लूनाखोड़ (Lunakhod) नामक स्वचालित रोबोट भेजा था। इस रोबोट ने चांद की सतह के परीक्षण किये, वहाँ की मिट्‌टी लेकर उसकी एक्स-रे एवं रासायनिक जाँच की तथा इसके परिणाम पृथ्वी पर भेजे। अभी हाल में अमेरिका दव्ारा संपादित वायेजन-दव्तीय प्रोग्राम काफी हद तक इस कारण सफल हुआ क्योंकि इसमें दो रोबोट कई कामों में मदद पहुँचा रहे थे।
  • चिकित्सकीय कार्यों में: ऑर्थोटिक्स एवं प्रौसथेटिक्स जैसे चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्रों में रोबोट का बड़ा योगदान है। प्रौसथेटिक्स ऐसा चिकित्सा विज्ञान है, जिसमें मनुष्य का अंग प्रत्यारोपित हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति का हाथ या पांव कट गया है तो कृत्रिम हाथ पांव जोड़े जा सकते हैं, जिन्हें रोबोट विमान के सिद्धांत पर आधारित परिचालक के नियंत्रण से चलाया जाता है। शरीर के बिना कटे अंगों से प्राप्त इलेक्ट्रोमायोग्राफ संकेतों को मापकर दिमाग के निर्देश को समझा जा सकता है और इस सूचना का उपयोग कृत्रिम अंगों के नियंत्रण के लिए किया जा सकता है।

रोबोटिक्स के क्षेत्र में नवीन प्रगति (Recent Advances in the Field of Robotics)

  • रोबोटिक्स के क्षेत्र में जारी शोध एवं विकास कार्यों ने इस क्षेत्र में नवीन तकनीकी रुझानों को जन्म दिया है। रोबोटिक्स के क्षेत्र में अर्जित नवीन तकनीकी प्रगति ने इस क्षेत्र में कई तरह की नई संभावनाओं को जन्म दिया है।
  • जापान 2025 तक सेवा क्षेत्र में रोबोट के पूर्ण व्यावसायीकरण पर विचार कर रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जापान में अधिकांश तकनीकी कार्य तथा शोध के लिए वित्त का प्रबंधन विभिन्न सार्वजनिक अभिकरण विशेषकर जापान का व्यापार मंत्रालय करते हैं।
  • रोबोटिक्स के क्षेत्र में जटिल तथा अत्याधुनिक तकनीकी प्रगति के चलते रोबोट अब अधिकाधिक बुद्धिमान होते जा रहें हैं और इसके परिणामस्वरूप रोबोट के लिए समर्पित स्टैंडर्ड कम्प्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वर्तमान में इस तरह के कुछ ही रोबोट ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिनका विकास स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय दव्ारा किया गया है, यह एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है। इसके अतिरिक्त इसी तरह के अन्य सिस्टम मेसाचुसेट इंस्टीट्‌यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तथ जर्मनी की टैक्नीकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख है। इस रोबोट ऑपरेटिंग सिस्टम ने रोबोट के विभिन्न अंगों के निर्माण तथा दिशा ज्ञात करने के लक्षण को विकसित करने के तकनीकी प्रयोग में सफलता अर्जित की है। इसने रोबोट में उच्च स्तरीय कार्यों को संपादन जैसे पहचानना (Image Recognition) तथा दरवाज़ा खोलने जैसी विशेषज्ञता हासिल करने में भी सफलता अर्जित की है।
  • रोबोट के क्षेत्र में एक अन्य उपलब्धि माइक्रोसॉफ्ट ने ‘विन्डोस फॉर रोबोट’ को विकसित करके प्राप्त की है। इसका विकास 2007 से रोबोटिक्स डेवेलपर स्टूडियो दव्ारा किया जा रहा है।

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