Science and Technology: Wireless Communication and Convergence

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संचार प्रौद्योगिकी (Communication Technology)

तार रहित संचार (Wireless Communication)

कन्वर्जेन्स (Convergence)

  • कन्वर्जेन्स से अभिप्राय एक ऐसी प्रणाली के विकास से है जिसमें विभिन्न तकनीकों व सेवाओं, जैसे -टेलीफोन, टी. वी. , फैक्स, इंटरनेट, वीडियोफोन, वीडियो कान्फ्रेंसिंग आदि को समेकित कर एक ही माध्यम दव्ारा उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जाता है। इसके माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी, संचार प्रौद्योगिकी एवं प्रसारण सेवाओं को समन्वित कर एक ही चैनल से ग्राहकों तक पहुँचाया जाता हैं। कन्वर्जेन्स की अवधारणा के अंतर्गत सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी से जुड़े सभी क्षेत्र जैसे -टेलीफोन, ई-कॉमर्स, टेलीबैंकिंग, टेलीट्रेडिंग, टेलीएजुकेशन, टेलीमेडिसिन, कम्प्यूटर, इंटरनेट, टी. वी. , रेडियो और सीडी प्लेयर आदि आते है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि कन्वर्जेन्स के अंतर्गत एक ही उपकरण में कम्प्यूटर, इंटरनेट, टेलीविजन तथा मोबाइल फोन की सुविधा उपलब्ध होगी। टी. वी. कार्यक्रमों को इंटरनेट पर भी प्रेषित व प्रसारित किया जा सकेगा तथा इंटरनेट के माध्यम से टेलीफोन सेवाओं की सुलभता सुनिश्चित हो सकेगी। कन्वर्जेन्स को साकार करने में डिजिटल तकनीक की अहम भूमिका है।
  • भारत में सूचना प्रौद्योगिकी, संचार प्रौद्योगिकी एवं प्रसारण क्षेत्रों के लिए लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन एवं नियमन संबंधी सभी निर्णय एक ही स्थान पर लिये जाने के उद्देश्य से कन्वर्जेन्स विधेयक-2001 लाया गया। इस विधेयक में ‘भारतीय संचार आयोग’ के रूप में एक स्वतंत्र तथा स्वायत्त वैधानिक निकाय की स्थापना का प्रस्ताव किया गया। साथ ही इस विधेयक में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण अधिनियम, भारतीय दूरसंचार अधिनियम, 1885, बेतार टेलीग्राफी अधिनियम, 1933 तथा केबल टेलीविजन नेटवर्क नियामक अधिनियम, 1955 को समाप्त कर देने का प्रावधान किया गया था। इसके अलावा इसमें सूचना आधारित समाज के निर्माण हेतु एक मजबूत अवसरंचनात्मक ढाँचे के विकास का भी प्रस्ताव किया गया।

ए. एम. तथा एफ. एम. (AM and FM)

प्रभावी एवं कुशल संचार के लिए तरंगों की आवृत्ति को परिवर्तित किया जाता हैं इसके लिए मॉड्‌युलेशन किया जाता है। मॉड्‌युलेशन के अंतर्गत कैरियर वेब एवं संदेश संकेत (Message Signal) होते हैं। कैरियर वेब उच्च आवृत्ति वाली होती हैं, जबकि संदेश संकेत प्राय: निम्न आवृत्ति के। यदि संदेश संकेत कैरियर वेब के आयाम (Amplitude) को परिवर्तित करता है तो यह प्रक्रिया ए. एम. (Amplitude Modulation) कहलाती है, और यदि संदेश संकेत कैरियर बेव की आवृत्ति (Frequency) को परिवर्तत करता है तो यह प्रकिया एफ. एम. (Frequency Modulation) कहलाती है।

ब्लूटूथ (Bluetooth)

ब्लूटूथ एक ऐसी वायरलेस तकनीक है जिसमें कम दूरी पर स्थित उपकरणों के मध्य आवाज और डाटा दोनों को स्थानांतरित किया जाता है। इंफ्रारेड के दव्ारा केवल दो उपकरणों को आपस में जोड़ा जा सकता है जबकि ब्लूटूथ एक सीमित क्षेत्र में आने वाले प्रत्येक उस उपकरण से जुड़ने में समर्थ है, जो ब्लूटूथ तकनीक से युक्त हैं। ब्लूटूथ के माध्यम से मोबाइल फोन, टेलीफोन, लैपटॉप पर्सनल कम्प्यूटर, प्रिंटर, डिजिटल कैमरा, मॉडेम तथा वीडियोगेम आदि उपकरणों को जोड़ा जा सकता है एवं उनके बीच सूचना का आदान-प्रदान किया जा सकता है। ब्लूटूथ टेक्नोलॉजी में उपकरणों को जोड़ने से संबंधित कार्यों पर दिशा का कोई प्रभाव नहीं होता हैं।

वाई-फाई (Wi-Fi- Wireless Fidelity)

वाई-फाई तार रहित संचार आधारित एक तकनीक है जिसके माध्यम से विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, जैसे-मोबाइल फोन या कम्प्यूटर, को वायरलेस नेटवर्क की सीमा के भीतर इंटरनेट से जोड़ा जा सकता है। वाई-फाई एरिया दो प्रकार का होता है-ओपन और क्लोज। ओपन वाई-फाई का इस्तेमाल करने के लिए कोई भी स्वतंत्र है जबकि क्लोज वाई-फाई का उपयोग में लाने के लिए पासवर्ड की आवश्यकता होती है। इस तकनीक में सूचना के आदान-प्रदान के लिए रेडियो आवृत्ति टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। जिस क्षेत्र में वाई-फाई एक्सेस किया जाता है, उसे हॉट स्पॉट कहा जाता है। वाई-फाई का नकारात्मक पक्ष यह है कि इसमें कोई भी व्यक्ति इंटरनेट से जुड़ सकता है तथा इसके वायरलैंस उपकरण प्राइवेसी को हैक कर तोड़ सकता है।

वाई मैक्स (Wi MAX- Worldwide Interoperability for Microwave Access)

इस तकनीक में माइक्रोवेव लिंक के दव्ारा लंबी दूरी तक वायरलेस सेवा के माध्यम से संचार स्थापित किया जाता है। इसके दव्ारा ब्रॉडबैंड में इंटरनेट तथा अन्य सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। वाई मैक्स इंटरनेट और सेल्युलर दोनों नेटवर्क पर काम करता है। वाई-फाई की रेंज जहाँ कुछ मीटर तक होती हैं वहीं वाईमैक्स की स्पीड दस किमी. तक समान रहती है। यह वायरलेस कवरेज की क्षमता को दस से तीस गुणा तक बढ़ा देता है। जहाँ लैपटॉप के लिए इसकी सीमा 5 से 15 किमी. होती है, वहीं फिक्सड कम्प्यूटर के लिए 50 किमी. होती है। इसकी डाउनलोड क्षमता 20 एमबीपीएस (Mbps) है एवं इसमें इंटरनेट पर जीपीआरएस, गेमिंग और डाउनलोड की सुविधा मौजूद है।

डी. टी. एच. (D. T. H. – Direct to Home)

  • डी. टी. एच. टेलीविजन प्रसारण की एक तकनीक है जिसमें उपग्रह तथा टेलीविजन सेट के बीच किसी ट्रांसमीटर की आवश्यकता नहीं रहती। इस व्यवस्था के अंतर्गत संचार उपग्रह पर लगे Ku-Band के माध्यम से संचार कायम किया जाता है और इसके दव्ारा प्रसारित तरंगों की आवृत्ति 11 से 15 गीगाहर्ट्‌ज के बीच होती है। इस कारण इन तरंगों की भेदन क्षमता अधिक होती है और टेलीविजन सेट पर 35 से 40 सेमी. व्यास वाले छोट से एंटीना की मदद से संकेतों को प्राप्त किया जाता है।
  • इसकी दूसरी विशेषता यह है कि इस तकनीक में प्रसारण के लिए डिजिटल संकेतों का प्रयोग किया जाता है। इस कारण संचार की प्रक्रिया में मौसम से संबंधित व्यवधान कोई समस्या पैदा नहीं करते। इसके दृश्यों में स्पष्टता होती है तथा ध्वनि स्टीरियोफोनिक होती है।
  • इसकी तीसरी विशेषता यह है कि Ku बैंड के माध्यम से 10 - 12 चैनलों का प्रसारण एक साथ हो सकता है। अत: कुछ Ku बैंडों का प्रयोग करने से 100 से अधिक चैनलों का प्रसारण सरलातपर्वूक होने लगता है।

डी. टी. टी. (D. T. T. - Digital Terrestrial Television)

डिजिटल टेरस्ट्रियल टेलीविजन, डिजिटल तकनीक पर आधारित होता है, जो टेलीविजन चित्र को दव्-अंकीय संख्याओं की एक श्रृंखला के रूप में कूटबद्ध करता है और उसके बाद इसके संपीड़न के लिए कम्प्यूटर प्रोसेसिंग का प्रयोग करता है। डिजिटल टेरस्ट्रियल टेलीविजन रेडियो स्पेक्ट्रम के यूएचएफ (U. H. F. Ultra High Frequency) भाग में प्रसारित होता है। डीटीटी दव्ारा पिक्चर रिजॉल्यूशन, अंतरक्रियात्मक वीडियो और डाटा सर्विस उपलब्ध करायी जाती है जो कि एनालॉग तकनीक में सभव नहीं है। एनालॉग प्रसारण की तुलना में बेहतर रिसेप्शन गुणवत्ता, बहुल प्रसारण सुविधा, तकनीकों का अभिसरण, चैनल की अत्यधिक क्षमता तथा कार्यक्रम दिशा-निर्देशन जैसी विशेषताएँ इस तकनीक में उपलब्ध हो पाती हैं।

एचडी टीवी (H. D. T. V. - High Definition Television)

एचडी टीवी एक प्रकार का डिजिटल टीवी है जो उच्च स्तरीय रिजोल्यूशन उपलब्ध कराता है। इसमें परंपरागत टेलीविजन से पांच गुणा अधिक सूचना ग्रहण करने की क्षमता है। वर्तमान एनालॉग टेलीविजन चित्र 480 क्षैतिज रेखाओं तक रिजॉल्यूशन उपलब्ध कराता है जबकि एक एचडीटीवी 1080 क्षैतिज रेखाओं तक रिजॉल्यूशन उपलब्ध कराता है। एनालॉग टेलीविजन में टीवी स्क्रीन की ऊँचाई और चौड़ाई का अनुपात 3: 4 होता है जबकि एचडीटीवी में यह अनुपात 9: 14 होता है। HDTV का सर्वोत्तम उदाहरण प्लाज्मा टीवी तथा LCD टीवी है। HDTV में सिनेमा हॉल व डीवीडी पर प्रयुक्त साउंड के समान डॉल्बी डिजिटल साउंड होता है।

अन्तक्रियात्मक टेलीविजन (Interactive Television)

अन्तक्रियात्मक टेलीविजन से अभिप्राय पर्सनल विडियो रिकॉर्डर दव्ारा टेलीविजन का उपयोग पर्सनल कम्प्यूटर के रूप् में करने से है। पर्सनल विडियो रिकॉर्डर सेट टॉप बॉक्स के रूप में कार्य करते हुए कम्प्यूटर चिप की मदद से साधारण टेलीविजन को इन्टरऐक्टिव टेलीविजन में परिवर्तित कर देता है। इस टेलीविजन में यह सुविधा उपलब्ध होती है कि कोई व्यक्ति अपने पसंदीदा कार्यक्रमों को देखने के साथ साथ उसे रिकॉर्ड (Record) , रिप्ले (Replay) व पॉज (Pause) कर सकता है।

प्लाज्मा टेलीविजन (Plasma Television)

प्लाज्मा टेलीविजन एक तरह का हाई डेफिनेशन होता है जिसमें पिक्सल का निर्माण अक्रिय गैसों जैसे-निऑन और जीनॉन, के छोटे छोटे कंटेनर से मिलकर होता है। प्रत्येक पिक्सल को दो विद्युतीय चार्ज प्लेट (Eclectically Charged Plate) के मध्य में रखा जाता है एवं विद्युत का प्रवाह होने पर यह चमकने लगता है। टेलीविजन में लगा उपकरण विद्युतीय क्षेत्र को नियंत्रित करता है जिससे विभिन्न रंगों का मिश्रण बनता है तथा टेलीविजन पर दिखता है। इस टेलीविजन का स्क्रीन फ्लेट होता है जिस पर इमेज (Image) और रंग अन्यटेलीविजन की तुलना में बेहतर दिखता है।

एलसीडी (Liquid Crystal Display Television)

एलसीडी टेलीविजन प्रकाश को उत्सर्जित करने के स्थान पर उन्हें ब्लॉक करने के सिद्धांत पर कार्य करता है। यही कारण है कि इसमें उर्जा की खपत प्लाज्मा टीवी की तलुना में कम होती है। इस टेलीविजन में यह व्यवस्था होती है कि दो ग्लास प्लेटों के मध्य क्रिस्टल पदार्थ मौजूद होते हैं, जब इसमें विधुतधारा प्रवाहित की जाती है तो यह क्रिस्टल क्रमिक रूप से व्यवस्थित हो जाते हैं जिससे धारा उन्हें पार नहीं कर पाती। इस तरह, प्रकाश को बलॉक करने के सिद्धांत पर आधारित इस टेलीविजन दव्ारा चित्र व सूचना प्राप्त किए जाते हैं।

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