जीन डेटाबेस परियोजना (Gene Database Project – Science And Technology)

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सुर्खियों में क्यों?

• बेंगलूर स्थित मेडजीनोम 100,000 एशियाई जीनोम, जिसमें कम से कम 30,000 भारतीय जीनोम शामिल हो सकते हैं, के सीक्केंस के लिए दक्षिण पूर्व एशियाई कंसोटियम के साथ मिलकर काम करेगी। इससे भारत के विभन्न जातीय समूहों में व्यापक आनुवंशिक विविधता को समझने मेंं मदद मिल सकती है।

• यह भारतीय जीनोम का सबसे बड़ा डेटाबेस होगा।

आवश्यकता: भारतीय आबादी 1000 जीनोम परियोजना, एशिया जीनोम परियोजनाओं आदि जैसे डेटाबेस में उपेक्षित रही है।

परियोजना के बारे में कुछ जानकारी

• परियोजना का विकास चरणबद्ध तरीके से होगा जिसमें प्रारंभिक चरण में भारत और पूर्वी एशियाई आबादी में से 1000 जीनोम के इस साल के अंदर सीक्केंस किया जाएगा और पूरा डेटाबेस 2020 तक तैयार करने की योजना है।

• लगभग 60 petabytes डेटा (30 खरब पृष्ठों के बराबर) प्राप्त होने की संभावना है।

• बिग डेटा का विश्लेषण करने वाले उपकरणों और कृत्रिम बुद्धि का उपयोग करके, शोधकर्ता कैंसर की रोकथाम सहित कई लक्ष्यों के लिए सटीक दवा प्रयोग कर सकते हैं।

• इन परियोजनाओं से कैंसर के लिए अभिनव नैदानिक दवा परीक्षण, दवा प्रतिरोध में कमी, आहार और आनुवंशिकी के बीच सीधें संबंधों को समझने में मदद मिल सकती है।

• कैंसर जैसे जटिल रोगों के मामले में रोगग्रस्त ऊतकों के डीएनए की स्वस्थ डीएनए से तुलना करके बारीक मतभेदों की पहचान करने में जीनोम डेटाबेस सहायता कर सकता है।

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