Major Science And Technology Developments – Part 2

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आईएनएस कलवारी (INS Kalvari – Science and Technology)

• छह स्वदेशी स्कॉर्पियन (बिच्छु) वर्ग की पनडुब्बियों में से प्रथम आईएनएस कलवारी समुद्री परीक्षण के लिए तैयार है।

• समुद्री टाइगर (बाघ) शार्क के नाम पर नामित कलवारी 66-मीटर लंबी पनडुब्बी है। यह इस वर्ष के अंत तक नौसेना में शामिल हो जाएगी।

• इन पनडुब्बियों का निर्माण फ्रांसीसी कंपनी (जनसमूह) डीसीएनएस के सहयोग से मुंबई स्थित मझगांव डॉक्स (जहाजों का गोदी में आना/बाड़ा) लिमिटेड (सीमित) (एमडीएल) दव्ारा किया जा रहा है।

• यह 1999 में कैबिनेट (मंत्रालय) दव्ारा स्वीकृत 24 पारंपरिक पनडुब्बियों के निर्माण के लिए महत्वाकांक्षी ”30 वर्ष पनडुब्बी निर्माण योजना के अधीन प्रोजेक्ट (परियोजना) 751 का हिस्सा है।

माल्टीटोल (Maltitol –Science and Technology)

• भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) ने हड्‌डी पुर्ननिर्माण प्रणाली प्रक्रिया को विकसित किया है जो कि हड्‌िडयों के जॉइंट्‌स (जोड़ो) के समान है।

• इसके लिए वैज्ञानिकों ने माल्टोस से निर्मित माल्टीटोल का प्रयोग किया है, जो कि बहुधा शर्करा मुक्त खाद्य पदार्थो में मिठासकारक के रूप में प्रयुक्त किया जाता है।

कैसे कार्य करता माल्टीटोल?

• माल्टीटोल अन्य तत्वों के साथ मिलकर एक लंबी श्रृंखला रूपी ढांचे का निर्माण करता है, जो कि प्लास्टिक का रूप ले लेता है। जिसका प्रयोग हड्‌िडयों में फ्रैक्चर (अस्थिभंग) की वजह से उत्पन्न हुए स्थान को भरने में पारंपरिक रूप से लगाई जाने वाली छड़ के स्थान पर किया जा सकता है।

• माल्टीटोल धातु छड़ से अधिक उपयोगी है, क्योंकि यह हड्‌डी के बढ़ने की प्रक्रिया पर रोक लगाती है। इसके अलावा इसमें दवाई डाल कर उपचार प्रक्रिया को और तीव्र बनाया जा सकता है।

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