नीम लेपित यूरिया (Neem Coated Urea – Science and Technology)

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• केंद्र सरकार के हाल के फैसले ने घरेलू विनिर्माताओं के लिए 100 प्रतिशत एनसीयू के उत्पादन को अनिवार्य बना दिया है।

• अब से यूरिया नीम के तेल से लेपित किया जाएगा। यह कदम ना केवल पर्यावरण को लाभ पहुँचाएगा और किसानों के जीवन में सुधार लाएगा बल्कि उद्योगों को होने वाली यूरिया की गैर कानूनी आपूर्ति पर भी नियंत्रण लगेगा।

• सामान्य यूरिया एक अत्यधिक घुलनशील और अस्थिर सामग्री है और प्रभावशीलता के स्तर पर एसीयू की तुलना में 40 प्रतिशत तक कम है।

• दूसरी ओर, एनसीयू घुलनशीलता एवं अस्थिरता की प्रक्रिया को धीमा कर एक भौतिक अवरोधक के रूप में कार्य करता है।

• एनसीयू मिट्टी से मुक्त की गयी नाइट्रोजन की मात्रा को भी घटा देता है। यह मिट्टी में पाए जाने वाले गोलकृमि परजीवी को नष्ट कर देता है और साथ ही विनाइट्री कारक और वातावरण में नाइट्रोजन उत्पन्न करने वाले जीवाणुओं को मार देता है।

• भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के एक अध्ययन से पता चलता है एनसीयू का उपयोग खपत को 10 - 15 प्रतिशत तक कम कर देगा। कम उपयोग यूरिया के उत्पादन के दौरान उत्पन्न होने वाली नाइट्रस ऑक्साइड और अन्य हानिकारक गैसों के स्तर में भी कमी लाएगा।

• उद्योग यूरिया का उपयोग फॉर्मलडीहाइड बनाने में करते हैं जिसका इस्तेमाल फर्नींचर, फर्श सामग्री, ऑटोमोबाइल उद्योग और पैकेजिंग (बिक्री या भेजने से पहले चीजों को लपेटने के लिए प्रयुक्त सामान) सामग्री आदि में होता है।

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