वर्जिन बर्थ/पर्थिओजेनेसिस (Virgin Birth – Science And Technology)

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प्रथम बार वन्य परिस्थितियों में कशेरूकी प्राणियों (स्माल टूथ साफिश) में इस परिघटना को देखा गया। सरसृपों, पक्षियों और शाकों में कैप्टिविटी स्थिति (बंद परिवेश) में वर्जिन बर्थ के अनेक मामले सामने आए हैं। यह संसर्ग (समागम) के बिना ही होने वाला जनन है।

प्रक्रिया

• इसमें एक मादा अंड-कोशिक, नर शुक्राणु दव्ारा निषेचित हुए बिना ही शिशु में विकसित हो सकती हैं।

• अंड-कोशिका के निर्माण में, एक पूर्ववर्ती कोशिका चार कोशिकाओं में विभाजित हो जाती हैं।

• इनमें से एक कोशिका जो अंततोगत्वा अंड कोशिका बनती है, वह आधारभूत कोशिकीय संरचनाओं और जैल-सदृश कोशिकाद्रव्य को बनाए रखती है।

• अन्य तीन कोशिकाएं अतिरिक्त आनुवंशिक पदार्थ को धारण करती हैं। इनमें से एक कोशिका वास्तव में शुक्राणु कोशिका के रूप में कार्य करती है और अंड के साथ संयोजित हो जाती है।

• यह ’निषेचित’ अंड माता की आधी आनुवंशिक विविधता धारण करता है। यह एक ऐसी विलक्षणता है जिसे आनुवंशिक परीक्षण दव्ारा वर्जिन बर्थ ज्ञात करने हेतु किए जाने वाले परीक्षण से जाना जा सकता है।

स्मालटूथ सॉफिश

• इसे वाइड सॉफिश के नाम से भी जाना जाता है।

• यह भूमध्यसागर समेत अटलांटिक के उथले उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जल निकायों में पायी जाती है।

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