चाइल्ड (बच्चा) पोर्नोग्राफी पर प्रतिबंध (Ban On Child Pornography – Social Issues)

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सुर्खियों में क्यों?

• सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से न्यायालय को इस विषय पर सूचित करने के लिए कहा कि वह किस प्रकार इंटरनेट पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है।

• यह प्रश्न देश में पोर्नोग्राफी वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाने के लिए दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया।

• भारतीय दंड संहिता और सूचा प्रौद्योगिकी (आई. टी.) अधिनियम तथाकथित ”अश्लील सामग्री” के उत्पादन या प्रसारण का निषेध करता हैं, हालांकि अभी भी पोर्नोग्राफी पर रोक लगाने वाला कोई स्पष्ट कानून अस्तित्व में नहीं है।

• यदि अपराधी आई.टी. अधिनियम के अंतर्गत दोषी ठहराया जाता है, तो अश्लील सामग्री के इलेक्ट्रॉनिक (विद्युतीय) प्रकाशन या प्रसारण के लिए उसे तीन वर्ष की सजा हो सकती है।

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