भारत और सहस्राब्दी विकास लक्ष्य (India and the Millennium Development Goals – Social Issues)

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• भारत ने सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों (एमडीजी) के स्वास्थ्य से संबंधित लक्ष्यों को प्राप्त करने में उल्लेखनीय प्रगति की है। देश पांच वर्ष से कम के बच्चों की मृत्यु दर को काफी हद तक कम करने में सफल रहा है। जहाँ यह वर्ष 1990 में प्रति 1000 जीवित जन्मों पर यह 126 थी वहीं अभी वर्ष 2013 में प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 53 है।

• कार्य के लिए आह्वान (कॉल टू एक्शन) (फोन दव्ारा गतिविध) , नवजात कार्य योजना, निमोनिया और डायरिया के लिए एकीकृत कार्य योजना से जबरदस्त स्वास्थ्य लाभांश प्राप्त हुआ है, लेकिन अभी भी लंबा रास्ता तय करना शेष है।

• दुनिया भर में पांच वर्ष की उम्र के करीब छह लाख बच्चे हर वर्ष रोकथाम के उपाय किये जा सकने योग्य कारणों से मरते हैं। ऐसे बच्चों का 21 प्रतिशत भारत में हैं। इन बच्चों में से अधिकतर कुपोषण और संक्रामक रोगों के कारण अकाल मृत्यु का शिकार हो जाते हैं।

सहस्राब्दी विकास लक्ष्य क्या हैं?

• सहस्राब्दी विकास लक्ष्य (एमडीजी: 2000 - 2015) अत्यधिक गरीबी के, उसके सभी आयामों- आय गरीबी, भूख, बीमारी, पर्याप्त आश्रय की कमी, अपवर्जन जैसी समस्याओं के समाधान के साथ साथ लैंगिक समानता, शिक्षा और पर्यावरण स्थिरता को बढ़ावा देना इत्यादि सहित, समाधान के लिए अंतराष्ट्रीय देशों के समयबद्ध और मात्रा निर्धारित लक्ष्य हैं। इस ग्रह के प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, आश्रय एवं सुरक्षा के अधिकार भी बुनियादी मानवाधिकार हैं।