ऑस्ट्रेलिया का भूगोल (Geography of Australia) Part 1

Download PDF of This Page (Size: 175K)

ऑस्ट्रेलिया की बुनियादी जानकारी

  • क्षेत्रफल-7.692 मिलियन किमी²

  • अक्षांश-25.2744° दक्षिण, 133.7751° पूर्व

  • देशांतर-25.2744° दक्षिण, 133.7751° पूर्व

  • जनसंख्या-1.9 करोड़ (1997)

  • जनसंख्या घनत्व-2 पर/किमी.2

  • राजधानी-कैनबेरा

  • प्रतिव्यक्ति आय- $ 20,540

स्थिति एवं विस्तार

यह एक मात्र महादव्ीप है, जो पूर्णत: दक्षिणी गोलार्द्ध में है। इसे दव्ीपीय महाद्धीप भी कहते है। इसके उत्तरी भाग से मकर रेखा गुजरती है। यह उत्तर से दक्षिण करीब 3000 किमी तथा पूर्व से पश्चिम 4000 किमी. लंबा है। इसके उत्तर में टॉरस जलसंधि है जो एराफ्यूरा सी arafura sea (अराफुरा सागर) को कोरल सी coral sea से अलग करता है। इसके दक्षिण में bass (पर्श) strait (कठिन) है जो दक्षिण सागर को तसमान सागर से अलग करता है। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया से सटे क्षेत्र को बाईट (काटना) कहा जाता है। ग्रेट (महान) ऑस्ट्रेलियन बाईट (काटना) चबुतरानुमा छिछला सागरीय क्षेत्र है, जो निम्न ज्वार के समय समुद्र से बाहर निकल आता है।

इसके पूर्वी भाग में दुनिया का सबसे लंबा प्रवाल भित्ति (2400 किमी.) ग्रेट (महान) बेरियर (अवरोध) रिफ (चट्टान) है। यह उत्तर में 90 अक्षांश से 220 सेन्टिग्रेट अक्षांश तक अर्थात उत्तर में टॉरस जलडमरुमध्य से लेकर दक्षिण में ग्रेट (महान) सेण्डी (रेतीला) दव्ीप के बीच टेढ़े-मेढ़े आकार में विस्तृत है। इसकी औसत चौड़ाई 30 किमी. है। उत्तर में यह अधिक चौड़ी है। वास्तव में यह पूर्वी-समुद्री भाग में एक नहर की भांति विस्तृत है। महादव्ीपीय पूर्वी तट तथा रीफ (चट्टान) के बीच गुलाबी व अन्य रंगों की मूंगे की तरह एक लैगून (खाड़ी) स्थिति है, जिससे जलयान सुरक्षित एवं सुविधापर्वूक बंदरगाह तक जाते है। इसके चारों ओर अनेक प्रवाल दव्ीप व प्रवाल रचनाएँ फेले हुए हैं। व्यापारिक दृष्टि से यह रीफ एवं दव्ीप वाला आंतरिक भाग सामान्य मछलियों को पकड़ने एवं मोती वाली सीप के लिए विशेष महत्वपूर्ण है।