ऑस्ट्रेलिया का भूगोल (Geography of Australia) Part 3

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  • मध्यवर्ती मैदानी भाग-

    यहां का मैदानी विस्तार देशान्तरीय है। यह मूलत: कॉप का मैदान है जिसमें कहीं-कहीं ज्वालामुखी उदगार दव्ारा निर्मित लाल व काली मिट्‌टी वाले मैदान भी हें। इस मैदान को चार भागों में बाँटते हैं-

  • कारपेण्टरिया का मैदान- कारपेण्टरिया की खाड़ी के दक्षिण में लगा हुआ उत्तरी क्वींसलैंड एवं उत्तरी ऑस्ट्रेलिया का समतल प्राय: कारपेण्टरिया का मैदान कहा जाता है। इस मैदान का निर्माण अवसारी चट्‌टान के उपर समुद्री निक्षेप के फलस्वरूप हुआ है। इस बेसिन का प्रवाह उत्तर की ओर है। यह मानसूनी प्रकार के वनों से ढका है।

  • आर्टिशियन का मैदान- कारपेण्टरिया का दक्षिण भाग आर्टीजन बेसिन कहलाता है। यह दुनिया का सबसे बड़ा आर्टिशियन बेसिन है। यह मैदान जल के फव्वारे के लिए प्रसिद्ध है। यहीं से ऑस्ट्रेलिया का प्रसिद्ध पशुपालन क्षेत्र शुरू होता है। सिंचाई के लिए यहां वाटर (पानी), स्प्रींग (वसंत) बनाए गए है, क्योंकि वर्षा कम होती है।

  • आयर झील प्रदेश- यह महादव्ीप का सबसे विशिष्ट भाग है। यहां चारों ओर से नदियां बहती हुई आयर झील में गिरकर आंतरिक जलप्रवाह को जन्म देती है। यह झील समुद्र तल से 12 मीटर नीची है। इसे डेड (मृत) हार्ट (दिल) आफॅ (के) ऑस्ट्रेलिया कहा जाता है, क्योंकि ग्रीष्म ऋतु में इसके जल सुख जाते हैं। झील में लवण की प्रधानता है। औसत वार्षिक वर्षा 12.5 सेमी. कम हैं।

  • मर डालिग का मैदान- यह एक समतल मैदान है। कुल मैदानी क्षेत्रफल का 12 प्रतिशत है। फ्लेण्डर्स पहाड़ियों के अलावा संपूर्ण मैदान एक समतल जलोढ़ मैदान है। मैदान के पश्चिमी भाग में ब्रोकेनहिल का पठारी क्षेत्र है। यहां प्रसिद्ध घास के मैदान है। यह क्षेत्र गेहूँ की कृषि तथा पशुपालन के लिए प्रसिद्ध है।