चीन का भूगोल (Geography of China) Part 15

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  • दक्षिणी -पूर्वी तटीय प्रदेश- इसके अंतर्गत चीक्यांग, फुकीन प्रांत तथा क्वांण्टुंग प्रांत का पूर्वी भाग सम्मिलित है। इस प्रदेश की कटी-फटी तटीय पटी तथा नदिया का घाटी का छोड़कर शेष भाग पर्वतीय है। यहाँ भी टाइफून आते हें। वर्ष में चावल की दो फसलें उत्पन्न की जाती है। इस प्रदेश में सीक्यांग नदी का डेल्टा (नदीमुख-भूमि) स्थित है। यहाँ की जलवायु मानसूनी है। यह प्रदेश चीन की सबसे अधिक मछलियां पकड़ता है। रेशम तथा चीनी उद्योग प्रमुख उद्योग हैं। फूचाऊ, अमोच तथा स्पेटाऊ इस प्रदेश के प्रमुख नगर तथा औद्योगिक केन्द्र हैं।

  • तिब्बत का उच्च प्रदेश- इसके अंतर्गत तिब्बत, सिंचाई प्रांत, यून्नान प्रांत का उत्तरी भाग तथा सेचवान प्रांत का पश्चिमी भाग सम्मिलत है। यह हिमालय तथा कुनलुन पर्वत के मध्य में स्थित है। इस प्रदेश की औसत ऊचाई 5000 मीटर (मापक) है। इस पठार में पश्चिम से पूरब की ओर अनेक पर्वत श्रेणियाँ फैली हुई है, जिनमें कारकोरम, ताँगला तथा कैलाश पर्वत प्रमुख है। इस प्रदेश से अनेक नदियाँ निकलती हैं जिनमें सिन्धु सांगपोर (ब्रह्यपुत्र) सालविन, मीकांग तथा यांगटिसीक्यांग प्रमुख है। पशुपालन यहाँ का प्रधान उद्योग है। भेड़ मुख्य पशु है। अन्य उद्योग धंधों में चमड़ा, सूती वस्त्र तथा बर्तन उद्योग प्रमुख है। लहासा और ग्यांत्से यहाँ के प्रमुख नगर हैं। लहासा तिब्बत की राजधानी धार्मिक नगर तथा महत्वपूर्ण हवाई अड्‌डा है। यहाँ दलाईलामा का पवित्र हवाई महल है।

  • सिनकियांग प्रदेश- यह एक पर्वतीय प्रदेश है जहा कुनलुन, अल्टाइनटांघ इत्यादि पर्वत श्रेणियाँ विद्यमान है। इन पर्वत श्रेणियों के मध्य में तारिम तथा जुंगेरियन बेसिन स्थित है। ये बेसिन समुद्र तल से 500-800 मीटर तक ऊँचे है। इस प्रदेश के मध्यवर्ती भाग में तकला मकान का मरुस्थल फैला हुआ है। तारिम, मानास, उरुगु इस प्रदेश की मुख्य नदियाँ है। इस प्रदेश का मुख्य व्यवसाय पशुपालन है। उरुमयी में मशीन बनाने, सूती वस्त्र, सीमेण्ट तथा ऊनी वस्त्र के कारखाने है। उरुमयी में हवाई अड्‌डा है।

  • अंतरवर्ती मंगोलिया प्रदेश- इसका अधिकांश भाग पहाड़ी एवं पठारी है। इस प्रदेश के उत्तरी-पूर्वी भाग में टिवंगन पर्वत, दक्षिणी भाग में उलानशान पर्वत विस्तृत हैं। इस प्रदेश का अधिकांश भाग मरुस्थलीय है। यहाँ के निवासियों का प्रधान उद्योग पशुपालन है। भेड़, गाय-बैल, घोड़े, ऊँट तथा याक पाले जाते हें। पाओटोव नगर में लोहा-इस्पात का कारखाना हैं। यहांँ सूती वस्त्र बनाने का भी कारखाना है।

  • मंचूरिया प्रदेश- यह एक त्रिभुजाकार प्रदेश है जिसे जापानियों ने मर्चिकों के नाम से पुकारा था। इस प्रदेश के अंतत लिआओनिड, किटिन तथा हेलुगकियांग प्रांतों का भाग सम्मिलित है। यह प्रदेश तीन प्राकृतिक विभागों में बँटा हुआ है-

    • रिवेगन तथा लियाओलिंग पर्वतीय प्रदेश- मंचूरिया के पश्चिमी भाग के इस प्रदेश में लघु तथा महान रिवंगन एंव लिआओलिंग पर्वत विस्तृत हैं। ये पर्वत मंगोलिया के साथ सीमा का निर्धारण करते है।

    • मंचूरिया का मैदान- यह प्रदेश लियो तथा सुंगारी नदियों और उसकी कुछ सहायक नदियों के ऊपजाऊ कॉप से बना है।

    • मंचूरिया का पूर्वी प्रदेश- यह एक उच्च पर्वतीय प्रदेश है जहाँ मंचूरिया पर्वत विस्तृत है। इस प्रदेश की मुख्य पर्वत श्रेणी यांगपईशान है, जिसका सर्वोच्च शिखर पाईटाऊशान है। इस प्रदेश के दक्षिणी भाग में लियोटुंग प्रायदव्ीप स्थित है।

कृषि मंचूरिया का प्रधान उद्योग है। सोयाबीन यहाँ सबसे अधिक उत्पन्न होता हैं। खनिज पदार्थों में भी यह धनी है। आनशान में लोहा इस्पात के दो विशाल कारखाने है। मुकडेन में भारी मशीनें, रासायनिक पदार्थ तथा ऊनी वस्त्र के कारखाने हैं। डेटिन में जलयान निर्माण कारखाना है। फुशुन में सीमेंण्ट तथा धातु उद्योग केन्द्रित है। आनशान, हार्निन, चोगचुन, मुकडेन, डेटिन तथा फुशन इस प्रदेश के प्रमुख नगर हैं।

हांगकांग-

यह दव्ीप दक्षिणी चीन के समुद्र तट से 1 किमी दूर है जो एक जलसंधि दव्ारा पृथक है। यह एक पर्वतीय दव्ीप है जिसमें ज्वालामुखी चट्‌टाने पायी जाती है। इस दव्ीप की जलवायु मानसूनी है।