जापान का भूगोल (Geography of Japan) Part 11

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खनिज पदार्थ

औद्योगिक दृष्टि से विकसित जापान खनिज संपदा की दृष्टि से अति निर्धन देश है। प्रमुख खनिज हैं-

  • कोयला- जापान में 2050 करोड़ मीट्रिक (मापीय) टन कोयले का सुरक्षित भंडार है। यहाँ मिलने वाले समस्त कोयले का लगभग 90 प्रतिशत भाग बिट्रमिनस श्रेणी का है। यहाँ मिलने वाले कोयले में दो कमियाँ हैं- एक तो यह पतली पर्तों में मिलता है तथा दूसरे यह अधिक गहराई पर मिलता है। जापान में कोयला उत्पादन के मुख्य क्षेत्र क्यूशू में चिकूहो, सागामिकी, होकूशो, होकैडो में इशीकारी, कुशिरी, तथा होनशू में जोवान, ऊबे एवं कितकी हैं।

  • लोहा- जापान में मुख्यत: मैग्नेटाइड श्रेणी का लोहा मिलता है। लोहे का सर्वाधिक उत्पादन उत्तरी-पूर्वी होन्शू की कैमेशी तथा सनीन खानों से होता है। अन्य क्षेत्रों में होकैडो दव्ीप की कुचान तथा ओहीमाता प्रमुख हैं।

  • गंधक- जापान में अनेक ज्वालामुखियों की स्थिति के कारण गंधक मिलता है। उत्तरी होन्शू की मात्सुओं की खान गंधक उत्पादन की जापान की सबसे बड़ी खान है।

  • ताँबा- ताँबा उत्पादन की दृष्टि से जापान को लगभग आत्मनिर्भर कहा जा सकता हैं। होन्शू तथा शिकोकू दव्ीप जापान का सबसे अधिक ताँबा उत्पन्न करते हैं। ताँबा उत्पादन का मुख्य खान रसिया, हिताची, कोसांका, ताराबेशी, किशू इत्यादि हैं।

  • सोना- सोना के उत्पादन तथा सुरक्षित भंडार की दृष्टि से जापान एक धनी देश है। यहाँ स्वर्ण खदानों और नदियों से सोना प्राप्त होता है। यहाँ सोना जापान में उत्तरी-पश्चिमी क्यूशम तथा उत्तरी-पूर्वी होन्शू में निकाला जाता है। सोने की मुख्य खानें ताकातोमा, कोनाभाई, कुशीकिमो, ताइयो इत्यादि है।

  • पेट्रोलियम- देश के कुल पेट्रोलियम की आवश्यकता का केवल 10 प्रतिशत तेल जापान में उत्पन्न किया जाता है। उत्तरी होन्शू के अकीता तथा निगाता क्षेत्र जापान के कुल तेल उत्पादन का 92 प्रतिशत भाग उत्पन्न करते है।

  • टंगस्टन - यह अपनी आवश्यकता का केवल 40 प्रतिशत टंगस्टन उत्पन्न करता है। होन्शू दव्ीप सबसे अधिक टंगस्टन उत्पादन करता है।

जलविद्युत

जापान में सबसे पहला विद्युत उत्पन्न करने का कारखाना क्योटो नगर में स्थापित किया। आज जापान एशिया का सबसे अधिक जलविद्युत उत्पादन करता है। तथा विश्व में चौथ स्थान है। आज जापान में लगभग 1580 जलविद्युत केन्द्र हैं।